पाली विकासखण्ड के पंचायतों में डीएमएफ से कराए गए कार्यों का राशि भुगतान दो माह से अटका, ग्रामीण मजदूरों का मजदूरी भुगतान लंबित, सरपंच- सचिव भी हो गए कर्जदार

पाली विकासखण्ड के पंचायतों में डीएमएफ से कराए गए कार्यों का राशि भुगतान दो माह से अटका, ग्रामीण मजदूरों का मजदूरी भुगतान लंबित, सरपंच- सचिव भी हो गए कर्जदार

पाली विकासखण्ड के पंचायतों में डीएमएफ से कराए गए कार्यों का राशि भुगतान दो माह से अटका, ग्रामीण मजदूरों का मजदूरी भुगतान लंबित, सरपंच- सचिव भी हो गए कर्जदार

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दीपक शर्मा/कोरबा/पाली:-जिला खनिज न्यास संस्थान मद से पाली जनपद अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों को जिला प्रशासन द्वारा सीसी रोड, नाली, पुल- पुलिया, रिटर्निंग वाल, भवन निर्माण जैसे कार्य स्वीकृत किये गए थे। जहां पंचायतों द्वारा उक्त कार्यों को पूर्ण कराने पश्चात भी आज दो माह से सरपंचों को निर्माण कार्यों का राशि भुगतान नही मिल पाया है जिससे सरपंच- सचिव कर्जदार हो चले है तो वही कार्यों में नियोजित मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नही मिलने से वे भी चक्कर काटने को मजबूर है।


बता दें कि पाली जनपद अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों को जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से विकास के निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई थी जहां पंचायतों द्वारा स्वीकृत कार्यों को समय पर पूर्ण करा लिया गया तथा उन कार्यों के भुगतान संबंधित फाइलें जनपद कार्यालय में जमा करा दिया गया जिन फाइलों को अधिकारियों द्वारा दो माह पूर्व जिला कार्यालय भी भेज दिया गया है किंतु जिसका भुगतान आज पर्यन्त नही होने से सरपंच- सचिव कर्जदार हो गए है और मुह छुपाते फिर रहे है क्योंकि जिला प्रशासन द्वारा सभी पंचायतों के खातों से राशि आहरण पर रोक लगा दी गई है। वहीं डीएमएफ मद से स्वीकृत निर्माण कार्यों का राशि भुगतान नही होने से उधार मटेरियल सामाग्री खरीदी का भुगतान भी दुकानदारों को नही किया जा सका है। जिसके कारण सरपंच- सचिव दुकानदार के तकादे से परेशान है तो दूसरी ओर निर्माण कार्यों में नियोजित ग्रामीण मजदूरों का भी मजदूरी भुगतान लंबित रहने से वे भी सरपंच के घर का चक्कर दर चक्कर काटने को मजबूर है। ऐसे में गांव के गरीब ग्रामीण मजदूरों के लिए त्योहार भी फीका हो गया है और उन्हें दूसरों का मुह ताकना पड़ रहा है तो सरपंच- सचिव आर्थिक संकट से जूझ रहे है और पंचायतों का बुरा हाल हो चला है। डीएमएफ मद से निर्माण कार्य कराए ग्राम पंचायतों के ग्रामीण मजदूरों की मांग है कि उनका मजदूरी भुगतान जल्द से जल्द किया जाए जबकि कर्जदार व तकादे से परेशान सरपंच- सचिव जिला प्रशासन से भुगतान की उम्मीद लगाए बैठे है। इस दिशा पर जिला प्रशासन को संज्ञान लेने की महती आवश्यकता है। ताकि इन दिनों राशि भुगतान संकट से गुजर रहे सरपंचों- सचिवों को राहत मिले और गांव के गरीब ग्रामीणों को उनके खून- पसीने की कमाई का पैसा भी मिल सके।