अहीरवाल नरेश अमर शहीद राजा राव तुलाराम जी के बलिदान दिवस पर बलरामपुर के यादव समाज द्वारा जमकर ट्विटर में ट्वीट कर श्रद्धांजलि दिया गया

अहीरवाल नरेश अमर शहीद राजा राव तुलाराम जी के बलिदान दिवस पर  बलरामपुर के यादव समाज द्वारा जमकर ट्विटर में ट्वीट कर  श्रद्धांजलि दिया गया

अहीरवाल नरेश अमर शहीद राजा राव तुलाराम जी के बलिदान दिवस पर  बलरामपुर के यादव समाज द्वारा जमकर ट्विटर में ट्वीट कर  श्रद्धांजलि दिया गया....


रोहित यादव/बलरामपुर :-जिले के यादव समाज के लोगों ने बताया की  अहीरवाल का इतिहास वीरता की गौरव गाथाओं से भरा पड़ा है। जंग-ए-आजादी में भी यहां के वीरों का अहम योगदान रहा था। यहां के राजा राव तुलाराम सन् 1857 की क्रांति के महान नायक थे। मा भारती को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति दिलाने के लिए शुरू हुई 1857 की क्राति बेशक विफल हो गई थी, लेकिन यह निर्विवाद सत्य है कि इसी क्राति ने भारतीयों में आजादी पाने का ऐसा जज्बा पैदा किया था, जिससे अंग्रेजों को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। स्वतंत्रता संग्राम की इस पहली जंग में एक ओर थे मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर, तात्या टोपे, महारानी लक्ष्मीबाई, मंगल पांडे, नाना साहब पेशवा व नाना फड़नवीस जैसे महान जांबाज थे तो दूसरी ओर थे रेवाड़ी स्थित रामपुरा रियासत के राजा राव तुलाराम।


14 वर्ष की उम्र में संभाला था राजपाट


अहीरवाल की वीरभूमि पर अंग्रेजों की ताकतवर सेना से मुकाबला करने वाले राजा राव तुलाराम को अदम्य साहस के कारण ही सन् 1857 की क्राति का महानायक कहा जाता है। राव तुलाराम को पिता के निधन के कारण मात्र 14 वर्ष की अल्पायु में ही राजकाज संभालना पड़ गया था। उन्होंने अपनी सूझबूझ से अंग्रेजी साम्राज्य के खिलाफ अंतिम सास तक संघर्ष किया।