मंय असल छत्तीसगढ़िया अंव

मंय असल छत्तीसगढ़िया अंव

मंय असल छत्तीसगढ़िया अंव



 छत्तीसगढ़ी मोर भाखा मंय लइका छत्तीसगढ़िया अंव।

ननपन के संगवारी मंय धुर्रा माटी के खेलइया अंव।

गाय गरूवा के जतन करंव,कांदी कचरा के लुवइया अंव।

मुड़ म झौंहा बोह के रेंगंव,मंय गोबर के सैंतइया अंव।

गली खोर ल लिपंव, छर्रा छिटका के देवइया अंव।

घर अउ बाहिर दुनो ल देखंव खेत खार के निंदइया अंव।

धनी करय मोर खेती किसानी,मंय बासी के अमरइया अंव।

बनी भुती करके संगी, परिवार ल मंय पोसइया अंव।

लकडी़ छेना म रांधव भात,मंय चुल्हा के फुंकइया अंव।

टीबी विडियो म नइये मजा मंय नाचा गम्मत के देखइया अंव।

गढ़वा बाजा लागे सुघ्घर,मंय डिडवा के नचइया अंव।

नुन चटनी अउ बोरे बासी,मंय दुध दही के खवइया अंव।

अपन हाथ जगन्नाथ,मंय गोदी खन्ती के फेंकइया अंव।

अजी नइ करंव गुलामी काखरो, मंय मेहनत के करइया अंव।

पर के बुध म नइ रेंगव,मंय असल छत्तीसगढ़िया अंव।



नर्मदा दीवान"नैना"

सुकुलबाय (सिरपुर)महासमुंद छ.ग.