अंत्येष्टि और दशगात्र के लिए बूंद भर पानी नहीं नदी -नाले, तालाब सूखे

अंत्येष्टि और दशगात्र के लिए बूंद भर पानी नहीं नदी -नाले, तालाब सूखे

अंत्येष्टि और दशगात्र के लिए बूंद भर पानी नहीं नदी -नाले, तालाब सूखे 



रसेला-जिला गारियाबंद ,वि.ख. छुरा के ग्राम पंचायत रसेला में पेयजल एवं निस्तारी की गंभीर समस्या उपन्न हो गई है ।रसेला की जनसंख्या दो हज़ार के करीब है,कहने को तो यह 10 से 12 तालाब मगर किसी में निस्तारी एवं मवेशियों के लिए एक बूंद पानी नहीं है। पेयजल एवं निस्तारी के लिए रसेलावासी तरस रहे है,लोगो में मारा-मारी एवं तनाव की स्थिति निर्मित हो गयी है।सभी नदी नालो,तालाबो में निस्तारी सुविधा हेतु पानी नहीं है, सभी तालाब पुन रूप से सुख चुके है निस्तारी की समस्या काफी गंभीर है इसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बाद चुप्पी सादे हुए है।इस क्षेत्र में कही भी बड़े बांध नहीं है जिससे तालाबो में पानी भरा जा सके। जिसके कारण रसेला में निस्तारी की गंभीर समस्या उपन्न हो गई है ,ग्रामीणों में काफी आक्रोश है जो कभी भी एक विशाल आन्दोलन का रूप लेकर उभर सकता है 'मरता नहीं क्या करता 'की स्थिति बन गई है। हमेशा निस्तारी के लिए हैंडपंपो में पुरुष और महिलाएं बारी-बारी से निस्तारी कर रहे है। ज्ञात हो कि 4 मई को सखाराम यादव का निधन होने के बाद अंत्येष्टि में शामिल होने वाले सभी लोग बोर चालू कर बोर के पानी से श्रद्धांजलि दी गई ।रसेला का दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस गांव में अंत्येष्टि एवं दशगात्र में पानी देने के कही भी पानी नहीं है ।लोगो को हैण्डपंपो में घंटो लाइन लगाकर पानी के लिए लड़ते देखा जा सकता है स्थिति विकराल रूप धारण कर चुके है ।मवेशियों के पीने के पानी की व्यवस्था दूभर हो गया है ।ग्रामीण जन उग्र आन्दोलन के लिए विवश हो जायेंगे ।ग्राम रसेला के ग्राम पंचायत उपसरपंच परमेश्वर यादव ,ग्राम पटेल लोकराम यादव ,ग्राम प्रमुख् डी.आर. यादव,भावसिंग मरकाम,कमल नायक,वेदव्यास निषाद,देवलाल भुजिया,रामायण ठाकुर,रमेश सिन्हा,यशवंत सेन,तुलुराम यादव,बशीर खान,कंशराम,सगुन दास, डायमंड ध्रुव,कैलाश यादव,हेमंत सेन ,चंद्रपाल ठाकुर,संतराम ,नेमिन यादव,यास्मीन सेन,सरिता ठाकुर,साधना जायसवाल,सारधा बाई यादव,भुनेश्वर ठाकुर,सुमित्रा सोरी, धनमोतिन ठाकुर,सरस्वती बाई,तुलसी बाई कुर्रे सहित ग्राम वासियो द्वारा शासन- प्रशासन से स्थिति को ध्यान में रखते हुए सीघ्र ही निस्तारी की व्यवस्था करने की मांग की गई है।