सेब से भी ज्यादा महँगा प्याज की कीमत के लिए केन्द्र सरकार दोषी-विकास उपाध्याय

सेब से भी ज्यादा महँगा प्याज की कीमत के लिए केन्द्र सरकार दोषी-विकास उपाध्याय

सेब से भी ज्यादा महँगा प्याज की कीमत के लिए केन्द्र सरकार दोषी-विकास उपाध्याय



*जमाखोरों के ठिकानों में छापेमारी करने कलेक्टर को निर्देश* 


रायपुर- संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने आज कहा,केन्द्र सरकार मंहगाई को काबू कर पाने पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। रायपुर में पिछले 2 दिनों से सेब से महंगा बिक रहा है प्याज और पूरी जनता त्रस्त है।विकास ने केन्द्र सरकार से पूछा है मोदी सरकार छत्तीसगढ़ और देश के दूसरे हिस्सों में प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए अभी तक क्या कदम उठाए हैं, स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा, केन्द्र की इन्हीं विफलताओं को छुपाये रखने छत्तीसगढ़ की पूरी भाजपा तांडव नृत्य कर जनता के मजबूरी का मजा ले रही है।


विकास उपाध्याय पिछले दो दिनों से प्याज के बेतहासा बढ़ोतरी को लेकर केन्द्र सरकार के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है और कहा है मोदी सरकार जिस महंगाई को कम करने की बात कर सत्ता में आई वही महंगाई थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले 2 दिनों से रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में प्याज के दाम सेब की कीमत से भी ज्यादा में बिक रहे हैं। उन्होंने कहा महाराष्ट्र , राजस्थान, गुजरात और कर्नाटक में फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसीलिए व्यापारियों ने जमाखोरी शुरू कर दी है, पर केन्द्र सरकार जमाखोरी रोक नहीं पा रही है।विकास उपाध्याय ने आशंका जाहिर की है कि नयी फसल फरवरी में आएगी, तब तक प्याज की कीमत कम होगी लग नहीं रहा है। इसलिए कि मोदी सरकार जमाखोरों को खुली छूट दे रखी है।


विकास उपाध्याय ने आगे कहा, कोरोना काल के लॉकडाउन का समय गुजर जाने के बाद अब मार्केट पूरी तरह खुल चुके हैं और होटल, ढाबे भी अब शुरू हो चुके है। इस वजह से भी प्याज की डिमांड बढ़ी है, जिसका फायदा जमाखोर पूरी तरह से उठा रहे हैं। विकास उपाध्याय ने रायपुर कलेक्टर से भी कहा है राजधानी रायपुर के ऐसे संभावित ठिकानों में छापामार की कार्यवाही कर उन जमाखोरों को बेनकाब किया जाए जो परिस्थितियों का नाजायज फायदा उठा कर आम जनता को महंगाई के मुँह में ढकेलने लिप्त हैं।