सामाजिक सहभागिता से नवाचारी शिक्षक ने हमर पारा टोली योजना से बच्चों को मोहल्ले में शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं

सामाजिक सहभागिता से नवाचारी शिक्षक ने हमर पारा टोली योजना से बच्चों को मोहल्ले में शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं

सामाजिक सहभागिता से नवाचारी शिक्षक ने हमर पारा टोली योजना से बच्चों को मोहल्ले में शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं


सक्ती से संवाददाता कन्हैया गोयल की खबर 


सक्ती-कोरोना के कारण पूरे विश्व के शैक्षणिक संस्था पूरी तरह से बंद है।ऐसे में बच्चों को शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़े रखने के लिए शासन द्वारा पढ़ाई तुहर द्वार योजना चलाकर बच्चो को ऑफलाइन और ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है । इसी तारतम्य में शासकीय प्राथमिक शाला सकरेली बां के नवाचारी शिक्षक पुष्पेंद्र कुमार कश्यप ने पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी हमर पारा टोली योजना चलाकर बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करा रहा है इसके लिए नवाचारी शिक्षक ने सामाजिक सहभागिता का सहारा लिया पढ़े-लिखे नवयुवतियों  को इस योजना में सम्मिलित कर बच्चों को मोहल्ला में शिक्षा देने का कार्य निरंतर पिछले वर्ष से किया जा रहा है।इसके साथ-साथ उन्होंने अपने गृह ग्राम में तीन जगह सकरेली बा में तीन जगह शिक्षा उपलब्ध कराया जा रहा है ग्राम सकरेली बा में पूनम राज, कमलेश्वरी, सरोजिनी, निर्मला साहू व ग्राम कमरीद में सुमन कंचन पुष्पा इस कार्य में शिक्षा सारथी के रूप में कार्य कर रहे। कुछ बच्चे आफलाइन कक्षा में कोरोना के डर के कारण नहीं  आ पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर बच्चों के लिए ई कंटेंट बनाकर व्हाट्सएप ग्रुप में बच्चों को रोज सुबह 9:00 बजे व शाम 5:00 बजे दो दो   वीडियो सीरीज उपलब्ध कराकर शिक्षा घर में रहबो घर से पढ़बो  योजना के नाम से दिया जा रहा है। पूर्व वर्ष भी शिक्षक द्वारा बच्चो शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कक्षा 10 वी कक्षा 9वी कक्षा 8 वी  का वीडियो कंटेंट बनाकर यूट्यूब में अपलोड किया गया जिसका उपयोग बच्चे अपने पढ़ाई के लिए कर रहे हैं। हमर पारा टोली योजना के तहत बच्चों को आफ लाइन क्लास में शिक्षा खेल खेल में उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि बच्चों को पढ़ाई का बोझ ना हो और  वह कक्षा में नियमित रूप से आ सके। ग्राम सकरेली बा में इस वर्ष 50 बच्चे व ग्राम कमरीद में 25 बच्चे इस योजना का लाभ ले रहे हैं बच्चों को आफ लाइन क्लास में स्कूल की भांति शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए खेल खेल के साथ साथ नियमित रूप से योगाभ्यास नैतिक शिक्षा उपलब्ध कराया जा रहा है और दैनिक उपस्थिति लिया जा रहा है।