जिला पंचायत सदस्य नूरी दिलेन्द्र कौशिल ने ग्राम पंचायत खांडा में मनरेगा के माध्यम से बने पशुशेड का किया उद्धघाटन

जिला पंचायत सदस्य नूरी दिलेन्द्र कौशिल ने ग्राम पंचायत खांडा में मनरेगा के माध्यम से बने पशुशेड का किया उद्धघाटन

०० जिला पंचायत सदस्य नूरि दिलेन्द्र कौशिल ने किया बनियाडीह के बांध में बने पचारी का उद्धघाटन

सीपत। हरेली के शुभ अवसर पर जिला पंचायत सदस्य नूरी दिलेन्द्र कौशिल ने अपने क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतो खांडा, जुहली, बनियाडीह, नारगोड़ा, पोंडी में दौरा किया। ग्राम पंचायत खांडा में मनरेगा के माध्यम से बने पशुशेड का उद्धघाटन किया वही अधूरे बने गौठान में गौधन योजना की शुरुआत करने से मना कर दिया। उनका कहना था कि पूर्ण रूप से तैयार गौठान में ही शुभ कार्य गौधन योजना का शुभारंभ किया जाएगा एवं जल्द से जल्द गौठान को पूर्ण करने की बात भी जिला पंचायत सदस्य ने कही।

जिला पंचायत सदस्य नूरी दिलेन्द्र कौशिल ग्राम खांडा के बाद जुहली में ब्लॉक स्तरीय गोधन योजना में शिरकत किया तथा कहा कि इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि योजना में अनेक खामी है उसे दूर करके लोगो को लाभ दिलाया जाए। मशलन गोबर बेचने वाले को पंजीयन करना अनिवार्य है। अपने ही पशु का गोबर बेच सकते है यह भी ठीक नही जिनके पास पशु नही है वो भी गोबर बिनता है तो उसको भी छूट देनी चाहिए। जुहली के ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का ग्रामीणों ने  विरोध किया और कहा कि हम अपने गायों की व्यवस्था स्वयं कर सकते है पर जो लावारिस पशु है उनकी व्यवस्था कौन करेगा तब मंच की ओर से ग्रामीणों को बरगलाने का प्रयास किया गया जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए ग्रामीणों का पक्ष रखते हुए भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य दिलेन्द्र कौशिल ने कहा कि सरकार को पहले व्यवस्था ठीक करनी चाहिए फिर इस तरह की योजना को लागू करना चाहिए बिना तैयारी के लोगो की भावना के साथ खिलवाड़ नही करना चाहिए। जिस पर कांग्रेस के संयुक्त प्रदेश महामंत्री ने उन्हें बहस की चुनौती दी जिसे दिलेन्द्र कौशिल ने स्वीकार करते हुए कहा किसी भी राजनीतिक मंच पर आ जाये हम बहस के लिए तैयार है।जिला पंचायत सदस्य नूरी दिलेन्द्र कौशिल कार्यक्रम की अव्यवस्था की वजह से नाराज होकर बीच मे ही कार्यक्रम छोड़ कर नाराज होकर चली गई बाद में उन से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि सरकारी कार्यक्रम का राजनीतिकरण कर दिया गया था मंच का संचालन भी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा था हम तो शासकीय कार्यक्रम में गए थे किसी कांग्रेस पार्टी के सम्मेलन में थोड़ी गए थे। अधिकारियों को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए शासकीय कार्यक्रम का संचालन किसी कर्मचारी से ही करवाना चाहिए जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल का खयाल रखना चाहिए।