आगामी त्यौहारी सीजन के परिपेक्ष्य में सीमित समयावधि के लिए व्यापार की अनुमति देने CAIT ने मुख्यमंत्री बघेल से किया आग्रह

आगामी त्यौहारी सीजन के परिपेक्ष्य में सीमित समयावधि के लिए व्यापार की अनुमति देने CAIT ने मुख्यमंत्री बघेल से किया आग्रह

TRADE: आगामी त्यौहारी सीजन के परिपेक्ष्य में सीमित समयावधि के लिए व्यापार की अनुमति देने CAIT ने मुख्यमंत्री बघेल से किया आग्रह


रायपुर,कुणाल राठी,29 जुलाई 2020।कन्फेडरेशन ऑफ आल इंड़िया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि आज कैट सी.जी. चैप्टर के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ने मुख्यमंत्री बघेल से प्रदेश में त्यौहारी सीजन के परिपेक्ष्य में सीमित समयावधि के लिए व्यापार की अनुमति हेतु आव्हान किया है जिससे आम नागरिकों को भी राहत मिल सके ।


कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बताया कि कोरोना के वर्तमान विकट और विषम समय में आपने अपने कौशल और विद्वता से जिस प्रकार से कोरोना के संकट से राज्य को बचाया है उसकी जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। छत्तीसगढ़ के व्यापारियों ने भी आपके हर आदेश का पालन करते हुए एवं अनेक विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए राज्य के प्रत्येक नागरिक को जरूरत की हर वस्तु पहुंचाने का काम किया है जिसको आपने भी समय समय पर प्रशंसा करते हुए व्यापारियों को सदैव प्रेरित किया है ।

 

इस कोरोना काल में प्रदेश में पहला लाॅक-डाउन 21 मार्च से लागू किया गया था जिसकी अवधि बढ़ाकर 17 मई तक की गई थी। इस विषम परिस्थिति में भी प्रदेश के व्यापारियों द्वारा व्यवसाय के लिए अपनाये गये कदमों का ही परिणाम रहा कि प्रदेश में जी.एस.टी. का संग्रह जून माह में 22 प्रतिशत अधिक रहा है , जो पूरे हिन्दुस्तान में छत्तीसगढ़ की एक अलग पहचान बनाता है।

 

उपाध्यक्ष पारवानी ने मुख्यमंत्री भूपेश का ध्यान आर्कर्षित करते हुए बताया कि लॉक-डाउन के बाद भी व्यापारियों पर आर्थिक बोझ रहा है जिसमें स्थायी खर्चे जैसे वेतन के भुगतान, किराये का भुगतान, बैंक का ब्याज, बिजली-पानी के बिल का भुगतान, विभिन्न करों को भुगतान आदि प्रमुख है, इन दायित्वों को शून्य आय के पश्चात भी व्यापारियों द्वारा पूरा वहन किया गया जिसमें आर्थिक रूप से व्यापारियों की कमर टूट गयी । दिनांक 22 जून से 28 जून तक का जो लाॅक-डाउन घोषित हुआ जिसे व्यापारियों ने स्वयं कलेक्टर द्वारा ली गई मीटिंग में इसका सर्मथन किया था जिससे कोरोना महामारी पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सके और 29 जुलाई से 6 अगस्त तक का जो लाॅक-डाउन घोषित हुआ है यह समय व्यापारिक दृष्टिाकोण से बहुत अहम है जिसमें त्यौहारी सीजन प्रारंभ हो रहा है जिसमें प्रमुख रूप से ईद, रक्षाबंधन, तीज जैसे प्रमुख त्यौहार हैं, एैसे में CM बघेल से अनुरोध किया गया कि लाॅक-डाउन के निर्णय पर पुर्नविचार करते हुए सारे व्यापार को दोपहर 3 बजे तक व्यापार करने की अनुमति दी जाए जिससे महामारी नियंत्रण के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियां भी समानांतर रूप से चलती रहें और साथ ही आम नागरिकों को भी राहत मिलें।