झेरिया निर्मलकर समाज विन्द्रानवगढ़ का वार्षिक सम्मेलन बेहराबुड़ा में संम्पन*

झेरिया निर्मलकर समाज विन्द्रानवगढ़ का वार्षिक सम्मेलन बेहराबुड़ा में संम्पन*

*झेरिया निर्मलकर समाज विन्द्रानवगढ़ का वार्षिक सम्मेलन बेहराबुड़ा में संम्पन*


 रिपोर्ट: तेजराम निर्मलकर मड़ेली




*छुरा-मड़ेली*: झेरिया निर्मलकर समाज परिक्षेत्र-विन्द्रानवागढ़ जिला-गरियाबंद(छ ग) का दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन ग्राम बेहराबुड़ा गरियाबंद में संम्पन हुआ।

      इस दौरान कार्यक्रम के पहले 06 मार्च को कार्यक्रम का शुभारंभ झेरिया निर्मलकर समाज के पदाधिकारियों द्वारा समाज के इष्टदेव संत गाडगे महाराज जी, धोबिन दाई,व मां सरस्वती की विधि विधान पूर्वक पूजा-अर्चना कर की गई। समाज कोषाध्यक्ष ने लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया, एवं सामाजिक प्रकरण पर चर्चा व निराकरण भी किया गया। 

 झेरिया निर्मलकर समाज के पदाधिकारी:- श्री के. के. निर्मलकर(संरक्षक), मुरहा राम निर्मलकर (अध्यक्ष),उमेन्द निर्मलकर(उपाध्यक्ष), परदेशी निर्मलकर(कोषाध्यक्ष),माधव निर्मलकर (सचिव), तेजराम निर्मलकर (सहसचिव), ईश्वर निर्मलकर(सलाहकार), नारायण निर्मलकर (सलाहकार), मोहन निर्मलकर (सलाहकार),मनकर निर्मलकर (अंकेक्षक), यशवंत निर्मलकर (समाज सेवक) आदि है।




    गौरतलब है कि इस वार्षिक सम्मेलन में आमंत्रित अतिथि *श्री रघुवंश चन्द्राकर*(ग्राम पटेल बेहराबुड़ा), *मनीष ध्रुव*(सरपंच बेहराबुड़ा व सरपंच संघ अध्यक्ष गरियाबंद), *भूनेश्वर मंडावी* (पूर्व सरपंच), *भानसिंह,ध्रुव शंकर सिंह ध्रुव,भादूराम ध्रुव,अघन सिंह*, एवं बेलर(अभनपुर) परिक्षेत्र के झेरिया निर्मलकर समाज के पदाधिकारि- *कल्याण सिंह,जनकराम ,सुखचंद, गणेश राम, झुमुकलाल, ऋषि कुमार, शत्रुघन, परमेश्वर,मोहनी बाई* उपस्थित थे।

 संबोधन में के. के.निर्मलकर संरक्षक व (शिक्षक) ने कहा कि समाज में रहकर ही तो हम मानव से सभ्य मानव बनते हैं। जब समाज हमें इतना कुछ देता है, तो क्या हमारा दायित्व नहीं बनता कि हम समाज को बदले में कुछ दें। हमारा यह परम कर्तव्य है कि समाज की प्रति अपने दायित्व को  पूरी तरह से निभाए हमें जो कुछ समाज से मिला है। वो समाज को लौट आए। समाज के बदलने से पहले खुद को बदलना जरूरी है दुनिया को बदलने से पहले खुद को ठीक करना जरूरी है। 

 अध्यक्ष मुरहा राम ने कहा आज धोबी समाज की नींव का विचार हमारे लिए वाकई में प्रेरणादाई है। जिसे एक पौधे के रूप में लगाया गया था। आज यह बड़े- पेड़ के रूप में उग आया है। आज यहां मैं अपने सामने असाधारण और छात्रों तथा उनके माता-पिता को देख रहा हूं जो आज गांव शहर के कोने कोने से हमारे इस सम्मेलन में आए हैं।

सलाहकार ईश्वर निर्मलकर ने कहा हमारा उद्देश्य धोबी समाज के बीच और धोबी समाज के लोगों में एकता और एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए और साथ-साथ शहरों में रहने वाले एकदम व्यस्त लोगों को एक साथ एक मंच पर लाकर एक साथ आगे बढ़ने का है। हम धोबी समाज को एक सशक्त व तनाव मुक्त समाज बनाने के उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ने की कोशिश करना होगा। 

  तेजराम निर्मलकर  ने अपनी ओजस्वी वक्त‌त्व शैली और समाज की महिलाओं के उत्थान हेतु निरंतर क्रियाशीलता के लिए धोबी समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली ममतामई माताओं को प्रणाम, और  समाज के संरक्षक, अध्यक्ष व सलाहकार आप लोग एक कुशल शिक्षक और संरक्षक हो , और समाज के अध्यक्ष, सलाहकार होने के साथ ही सदैव सामाजिक क्रियाकलापों में भी सक्रिय रुप से जुड़े हुए हैं अपने उत्साह से झेरिया धोबी निर्मलकर समाज को एक नई उर्जा दी है जिससे हमें समाज सेवा की प्रेरणा मिली है। आज संगठन की इस उच्च पद पर पहुंच कर  समाज को जिस निष्ठा से आप लोगों ने सेवा देते हुए नई दिशा प्रदान कर रहे हैं उससे हमारा विन्द्रानवागढ़ परिक्षेत्र  गौरवान्वित है।

कार्यक्रम का मंच संचालन के. के. निर्मलकर (शिक्षक) ,रमेश कुमार निर्मलकर। बेहराबुड़ा, और तेजराम निर्मलकर मड़ेली ने किया। उमेंद निर्मलकर ने आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया।