इस जिले में जूलूस, सभा, रैली एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन प्रतिबंधित

इस जिले में जूलूस, सभा, रैली एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन प्रतिबंधित

कलेक्टर ने नववर्ष स्वागत कार्यक्रम एवं आगामी त्यौहारों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश किए जारी

इस जिले में जूलूस, सभा, रैली एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन प्रतिबंधित

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राजनांदगांव-कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री टोपेश्वर वर्मा ने नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम तथा वर्तमान में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या को दृष्टिगत रखते हुए 31 दिसम्बर 2020 को नववर्ष स्वागत कार्यक्रम एवं आने वाले त्यौहारों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

आदेश में कहा गया है कि कार्यक्रमों का आयोजन खुले एवं सार्वजनिक स्थान में नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार के जूलूस, सभा, रैली, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल की क्षमता का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 200 व्यक्ति ही सम्मिलित हो सकेंगे। कार्यक्रम स्थल में प्रवेश द्वारा एवं निकासी द्वार पृथक-पृथक हो तथा प्रवेश व निकासी द्वार टच फ्री मोड में हो। श्वसन शिष्टाचार का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये। कार्यक्रम में उपस्थित व्यक्ति खांसते, छींकते समय टिशू पेपर, रूमाल, मुढ़ी हुई कोहनी का अनिवार्यत: उपयोग करेंगें। कार्यक्रम आयोजक यह सुनिश्चित करेंगे कि उपयोग में लाये सामग्री का ठीक से निपटारा किया जाये। कार्यक्रम के दौरान आयोजन परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाया जाये तथा विडियोग्राफी कराया जाये। ताकि कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। कार्यक्रम का आयोजन रात्रि 12.30 बजे तक किया जाये। बिना अनुमति के कार्यक्रम का आयोजन न किया जाये। छोटे बच्चों एवं अधिक उम्र के व्यक्तियेां को आयोजन में शामिल न किया जाये। शासन के निर्देशानुसार रात्रि 11.55 से 12.30 बजे तक हरित पटाखों का उपयोग किया जा सकेगा। प्रत्येक कार्यक्रम आयोजक समय पूर्व सोशल मिडिया में यह जानकारी दे कि कोविड-19 कोरोना के कारण कार्यक्रम वृहद रूप से आयोजित नहीं किया जायेगा, जिससे लोगों की भीड़ न हो। कार्यक्रम आयोजन के दौरान किसी प्रकार के मंच, पंडाल न लगाया जाये। आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को सोशल, फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना एवं समय-समय पर सेनेटाईजर का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाये। आयोजन के दौरान डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। कोलाहल अधिनियम का पालन करते हुए दो छोटे साउन्ड बाक्स का उपयोग किया जा सकेगा। कार्यक्रम स्थल पर सेनेटाईजर, थर्मल स्केनिंग, आक्सीमीटर, हैण्डवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रिनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर कार्यक्रम में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी कार्यक्रम के आयोजनकर्ता की होगी। कार्यक्रम स्थलों पर पान, गुटखा, तम्बाकू इत्यादि उपयोग कर सार्वजनिक स्थान पर थूकना प्रतिबंधित है। बार-पब आदि के संबंध में आबाकारी विभाग द्वारा जारी आदेश व दिशा-निर्देश जिसके अंतर्गत विदेशी मदिरा एफएल-3 होटल बार अनुज्ञप्ति दोपहर 12 बजे से रात्रि 11 बजे तक एफएल-3 (क) शापिंग माल एवं रेस्टोरेंट बार अनुज्ञप्ति दोपहर 12 बजे से रात्रि 11 बजे तक एवं एफएल-3 स्थर एवं उसके ऊपर के स्तर के होटल बार अनुज्ञप्ति दोपहर 12 बजे से रात्रि 12 बजे तक का पालन करना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम आयोजन के दौरान अग्रि शमन यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित किया जाये। कार्यक्रम आयोजन के दौरान यातायात नियमों का पालन किया जाये। किसी प्रकार के यातायात बाधित न हो यह सुनिश्चित किया जाये। कार्यक्रम स्थल पर किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन न किया जाये। कार्यक्रम आयोजन स्थल पर एक रजिस्टर संधारित किया जाये। जिसमें उपस्थित होने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाईल नंबर दर्ज किया जायेगा। ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेनिंग किया जा सके। आयोजन के दौरान एनजीटी एवं शासन के द्वारा प्रदूषण के लिए निर्धारित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना आवश्यक होगा। नियमों के उल्लंघन पाये जाने पर समिति के सदस्य जिम्मेदार होंगे। इन सभी शर्तों के अतिरिक्त कोविड-19 के संबंध में भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किये गये आदेशों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। किसी भी शर्तों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अव्यवस्था होने पर इसकी समस्त जिम्मेदारी कार्यक्रम के आयोजनकर्ता की होगी तथा उसके विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जायेगी।

यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 सह पठित एपीडेमिक डिसीज एक्ट 1967 यथा संशोधित 2020 एवं भारतीय दण्ड सहिता 1860 की धाराओं के अंतर्गत विधि अनुकूल कार्रवाई की जायेगी।

क्रमांक 148- उषा किरण --------------------------