सेवा सहकारी समिति पोरथा ने 80 किसानों को किया वर्मी कंपोस्ट खाद का वितरण

सेवा सहकारी समिति पोरथा ने 80 किसानों को किया वर्मी कंपोस्ट खाद का वितरण

सेवा सहकारी समिति पोरथा ने 80 किसानों को किया वर्मी कंपोस्ट खाद का वितरण 


वर्मी कंपोस्ट खाद के फायदों के बारे में किसानों को दी गई समिति के पदाधिकारियों द्वारा जानकारी


 वर्तमान समय में वर्मी कंपोस्ट खाद किसानों की खेती के लिए है काफी लाभदायक- शैलेंद्र कुमार तिवारी शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शक्ति 


शक्ति से संवाददाता कन्हैया गोयल की खबर 


सक्ती-वर्तमान समय में पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में राज्य शासन द्वारा नरवा- घुरवा- बाड़ी के तहत पूरे प्रदेश में गोधन न्याय योजना का शुभारंभ किया गया है, इस गोधन योजना के अंतर्गत पशु पालकों से क्रय किए जाने वाले ₹2 प्रति किलो के गोबर से शासन की विभिन्न संस्थाओं द्वारा वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार किया जा रहा है, तथा शहरी क्षेत्रों में भी नगर पंचायत एवं नगर पालिका द्वारा वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार करने में अग्रणी भूमिका निभाई जा रही है, इसी श्रृंखला में जांजगीर-चांपा जिले के शक्ति विकासखंड में भी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा शक्ति के अंतर्गत सेवा सहकारी समिति पोरथा पंजीयन क्रमांक- 1651 द्वारा लगभग 1000 बोरी यूरिया खाद,1000 बोरी डीएपी खाद लाया गया है,साथ ही 100 बोरी वर्मी कंपोस्ट खाद सिंगनसरा गोठान के माध्यम से प्राप्त होने पर इसे लगभग 81 किसानों को वितरित किया गया, साथ ही सेवा सहकारी समिति पोरथा पंजीयन क्रमांक- 1651 के संस्था प्रभारी संस्था प्रबंधक बंशीलाल राठौर, विक्रेता गोपेन्द्र सिंह राठौर, विक्रेता पितांबर साहू,कंप्यूटर ऑपरेटर रामकुमार राठौर, द्वारा अपनी समिति के अंतर्गत कृषको को वर्मी कंपोस्ट खाद का वितरण करते हुए उसकी गुणवत्ता के बारे में जानकारी दी गई, साथ ही इस दौरान किसानों को प्रोत्साहित करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश में वर्मी कंपोस्ट खाद के उपयोग से जहां खेती-किसानी के काम में काफी फायदा मिलने एवं बेहतर फसल होने की भी बात कही गई, तो वही बताया गया कि आज छत्तीसगढ़ राज्य में शासन द्वारा गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर की खरीदी की जा रही है, तथा इस गोबर से वर्मी कंपोस्ट खाद जो की फसलों को भी बेहतर उत्पादन देता है, तथा इसका पूर्णता लाभ किसानों को मिलेगा, इसके बारे में जानकारी दी गई एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश के विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से वर्मी कंपोस्ट खाद के उत्पादन किए जाने की भी बात कहते हुए प्रभारी संस्था प्रबंधक बंशीलाल राठौर ने कहां की पुराने समय में जब हमारे किसानों द्वारा अपने घर में पशु पालन के दौरान गाय, भैंस से होने वाले गोबर से खाद तैयार किया जाता था, तथा इस खाद का उपयोग किसानी कार्य में धान एवं अन्य फसलों तथा विभिन्न प्रकार की आवश्यकता अनुरूप की जाने वाली खेती के कार्य में उपयोग किया जाता था, जिससे इन फसलों के उत्पादन के बाद इसका स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता था, एवं वर्तमान परिवेश में भी छत्तीसगढ़ शासन ने इन्हीं सब परिस्थितियों को आगे बढ़ाते हुए वर्मी कंपोस्ट खाद की उपयोगिता पर जोर दिया है, एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा शक्ति द्वारा भी अपने अधीनस्थ सभी समितियों के माध्यम से वर्मी कंपोस्ट खाद किसानों को अधिक से अधिक मात्रा में मिल सके इस हेतु प्रयास किया जा रहा है, वहीं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा शक्ति के शाखा प्रबंधक शैलेंद्र कुमार तिवारी भी सभी समितियों से निरंतर सतत संपर्क बनाकर वर्तमान समय में चल रहे कृषि कार्य के दौरान किसानों को वर्मी कंपोस्ट खाद उपलब्ध हो सके एवं इसका अधिक से अधिक किसान उपयोग कर सके इस दिशा में सकारात्मक पहल की जा रही है, जिसके प्रतिफल स्वरुप शक्ति बैंक के अंतर्गत किसानों में भी वर्मी कंपोस्ट खाद के उपयोग को लेकर उत्साह नजर आ रहा है, तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा शक्ति के शाखा प्रबंधक शैलेंद्र कुमार तिवारी, सेवा सहकारी समिति पोरथा के प्राधिकृत अधिकारी के.के. राठौर, शाखा शक्ति के पर्यवेक्षक कमल कटकवार,पोरथा सहकारी समिति के प्रभारी संस्था प्रबंधक बशीलाल राठौर इन सभी कार्यों में अपना विशेष योगदान दे रहे हैं, एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रारंभ की गई इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ क्षेत्र के किसानों को मिल सके इस दिशा में निरंतर विभिन्न माध्यमों से प्रचार प्रसार एवं प्रोत्साहन का कार्य गति से चल रहा है, वहीं दूसरी ओर सेवा सहकारी समिति पोरथा पंजीयन क्रमांक-1651 में समिति के अंतर्गत किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज की उपलब्धता करवाने की दिशा में भी जिला प्रशासन के दिशा निर्देशानुसार 1000 बोरी यूरिया खाद, 1000 बोरी डीएपी खाद उपलब्ध करवाया गया है, तथा समिति के  अंतरगत किसानों को निरंतर खाद की उपलब्धता करवाने हेतु समिति दृढ़ संकल्पित होकर कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों का भी कहना है कि वर्मी कंपोस्ट खाद के उपयोग से उन्हें काफी फायदा मिल रहा है, एवं यह खाद बेहतर  है तथा इस खाद के उपयोग से जहां फसल भी अच्छी हो रही है तो वहीं आम जनता भी इन खाद से होने वाली फसलों को ही ज्यादा प्राथमिकता देती है