आस्था,संस्कृति, विश्वास और पुरातत्व का अद्भुत संगम, गुफ़ा और गुफा के अंदर के नजारे देखकर आप भी हो जाएंगे हैरान, वर्षों से हो रही इस स्थान पर आराधाना...जानिए कैसे इस स्थान पर होता है आसमान में होने का एहसास..

आस्था,संस्कृति, विश्वास और पुरातत्व का अद्भुत संगम, गुफ़ा और गुफा के अंदर के नजारे देखकर आप भी हो जाएंगे हैरान, वर्षों से हो रही इस स्थान पर आराधाना...जानिए कैसे इस स्थान पर होता है आसमान में होने का एहसास..

आस्था,संस्कृति, विश्वास और पुरातत्व का अद्भुत संगम, गुफ़ा और गुफा के अंदर के नजारे देखकर आप भी हो जाएंगे हैरान, वर्षों से हो रही इस स्थान पर आराधाना...जानिए कैसे इस स्थान पर होता है आसमान में होने का एहसास..





राकेश गुप्ता/जशपुर- हम बात करने जा रहे हैं आस्था और विश्वास की जिसे देख और पढ़ कर आप भी आश्चर्यचकित हो जायेगें।और उस हैरान कर देने वाले स्थान में भगवान शिव पर जलाभिषेक करने आप भी ललायित हो उठेंगे।भगवान शिव पर जलाभिषेक के साथ साथ वहां की अद्भुत नजारा देखने और तस्वीरें कैप्चर करने आप भी जाने उत्साहित हो जायेंगे।





हम बात कर रहे हैं जशपुर जिले की सन्ना क्षेत्र के जंगलों के बीच बसा ग्राम पंचायत डोभ की कोचाकोना शिव धाम की जहां प्राकृतिक का अद्भुत नजारा के साथ साथ आस्था, संस्कृति,विश्वास और पुरातत्व का अद्भुत संगम के साथ दो गुफा भी मौजूद है।जहां ग्रामीणों की मान्यता है कि इन गुफाओं में भगवान खुद निवास करते थे।आपको बता दें कि यह कोचाकोना धाम में करीब 6-7 साल से पूजा अर्चना प्रारम्भ की गई है। जहां ग्रामीणों की माने तो एक गहिरा गुरु के शिष्य को सपने में भगवान आये और पण्डा शिष्य के भैंस चराते चराते उस जंगल मे पहुंच गया और जहां से झरने बह रहे थे उस स्थान में भैंस को पानी पिलाते हुए सपने के अनुशार वहां भगवान शिवलींग का दर्शन हुआ तब से वहां पूजा अर्चना किया जाने लगा।






वहीं शिवलिंग के अलावा उस स्थान में कई ऐसे पुरातत्व का अद्भुत मूर्तियां भी पाई गई है।वहीं जंगलों के बीच इस अद्भुत नजारा में कई ऐसे पत्थल,फूल के साथ जंगल के एक कोने में बिना कांटे वाले बेल पेड़ का जंगल भी है।जिसे देख वहां जाने वाले ताज्जुब और हैरान रहते हैं। वहीं एक ऐसा पत्थल की चट्टान भी है जिसे देख ग्रामीण बताते हैं की वहां यह भगवान का वायु विमान है जिससे ही भगवान कहीं भी जाते थे।वाकई उस स्थान में मौजूद पत्थल पर जब हमने चढ़ कर देखा तो ऐसा प्राकृतिक का अद्भुत नजारा दिखा और ऐसा प्रतीत हुआ जैसे हम आसमान में सैर कर रहे हैं।जहां कभी आसमान ऊपर तो कभी आसमान नीचे दिखने लगा।ग्रामीणों की मान्यता भी कुछ इसी तरह है। वहीं ग्रामीणों ने उसी जंगल के एक कोने को वृंदावन का नाम भी दिया है।और ग्रामीण उसी स्थान पर माता सीता पांव निशाना की भी बात करते हैं।हालांकि ग्रामीणों की मान्यता जो भी हो परन्तु उस स्थान की शोध होने पर ही कुछ कहना सही होगा।


आपको यह भी बता दें कि यह स्थान जंगलों के बीच मे स्थित हैं जहां एक छोटी सी कुटिया बना का जंगल मे ही निवास करने वाले वहां मौजूद  पुजारी पण्डा बाबा निवास करते हैं।






जिनसे हमने उस स्थान की जानकारी लिया तो उन्होंने कहा कि यहां मैं भैंस चराने आया था जिसके बाद पानी का स्थान देख कर भैंस को पानी पिलाने वहां पानी को बांधना शुरू किया तो शिव लिंग का दर्शन हुआ और यहाँ स्थापित शिवलिंग का मैंने पूजा अर्चना प्रारम्भ कर दिया। वहीं यहां अब भक्तों का भी आस्था बढ़ती जा रही है और यहां भक्तगण लागातार यहाँ आना शुरू कर दिए हैं परन्तु यहां सड़क नही है जिससे यहां आने वालों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।





वहीँ यहां घूमने आये सैलानि और भक्तगणों ने बताया कि यहां घूमने से काफी आनन्द दायक रहा है।जहां भगवान शिव लिंग की पूजा होती है।और यहां अब सावन के महीने में काफी संख्या में भक्तगण भी अब आने लगे हैं।जहां सड़क अगर बन जाये तो काफी अच्छा रहेगा।