टी.बी रोग की जन-जागरुकता हेतु प्रचार रथ रवाना

टी.बी रोग की जन-जागरुकता हेतु प्रचार रथ रवाना
टी.बी रोग की जन-जागरुकता हेतु प्रचार रथ रवाना




गरियाबंद -कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर एवं श्री चंन्द्रकान्त वर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग के अतंर्गत 24 मार्च को टी.बी. रोग से संबंधित जन-जागरूकता के उट्टेश्य से जिला गरियाबंद में विश्व क्षय दिवस मनाया गया। जिसके अतंर्गत जिला स्तर एवं समस्त विकासखण्ड स्तर पर टी.बी. रोग की जन-जागरूकता हेतु टी.बी. प्रचार रथ निकाला गया, जिसमें जिला कार्यालय से जिला पंचायत सभापति (स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास) श्रीमती मधुबाला रात्रे, अपर कलेक्टर जी.आर. चैरसिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.आर.नवरत्न, द्वारा हरी झंण्डी दिखाकर जिला टी.बी. प्रचार रथ को रवाना किया गया, इस दौरान डाॅ. जी.एल. टण्डन, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, डाॅ रीना लक्ष्मी, जिला कार्यक्रम प्रंबंधक, एवं स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रचार रथ के माध्यम से गरियाबंद शहर एवं गावं गांव मे जाकर टी.बी. रोग संबंधी जागरूकता का संदेश दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत टी.बी. कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों द्वारा बस स्टैण्ड, हाट बाजार, पुलिस विभाग के कर्मचारी, बस चालक-परिचालक, खोमचा व विभिन्न दुकानदारो एवं जिला अस्पताल परिसर में ओपीडी में आने वाले समस्त नागरिको कोे टी.बी रोग की जानकारी देते हुए ‘‘टी.बी. मुक्त छत्तीसगढ़ की ओर अग्रसर, टीबी हारेगा देश जीतेगा‘‘ के श्लोगन युक्त मास्क, टोपी एवं पाम्पलेट का वितरण किया गया। साथ ही साथ जिला चिकित्सालय परिसर में सेल्फी जोन एवं जिला टी.बी. कार्यालय को रोशनी जगमगाया कर जन- जागरूकता का प्रयास किया गया।
विश्व क्षय दिवस के अवसर पर डाॅ. एन.आर. नवरत्न मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा बताया गया कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023 तक टी.बी. मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा गया है, जिसे चिन्हाकित एवं समूह वाले क्षेत्रों में अधिक से अधिक टी.बी. खोज अभियान चलाकर प्राप्त किया जा सकता है, साथ ही  साथ टी.बी. मुक्त करने हेतु जन समूह के सहयोग अत्यावश्यक है, जिसे विभिन्न प्रचार प्रसार के माध्सम से प्राप्त किया जा सकता है। डाॅ. अमन हुॅमने, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी के द्वारा टी.बी. रोग के लक्षण जांच उपचार संबंधी जानकारी देते हुए दो हफ्ते से अधिक खाॅसी होने पर अनिवार्य रूप से बलगम की जांच कराये जाने हेतु अपील किया साथ ही नागरिको से कोराना जांच निगेटिव व खाॅसी बुखार लक्षण पाये जाने पर टी.बी. जांच हेतु कहा गया।