अस्थायी गौठान में दम घुटने से हुई 50 गायो की मौत, कई गाय गंभीर

अस्थायी गौठान में दम घुटने से हुई 50 गायो की मौत, कई गाय गंभीर

०० गोबर की लालच में हुई गायों की मौत, अधिकारी दे रहे अलग अलग बयान

बिलासपुर| तखतपुर विकासखण्ड के मेड़पार के अस्थायी गौठान में 50 गाय की मौत हो गयी है, जानकारी सामने आने के बाद गांव में सनसनी फैल गयी। खबर तखतपुर जनपद पंचायत सीईओ,तहसीलदार समेत जिला पंचायत सीईओ तक पहुंची पूरा महकमा हल चल में आ गया। बातचीत के दौरान बात सामने आयी कि अधिकारी अब फांसी के लिए गर्दन की तलाश शुरू कर दिए हैं। तखतपुर सीईओ का बयान कुछ और जिला पंचायत सीईओ का बयान कुछ सामने आ रहा है। फिलहाल डाक्टरों की टीम मौके पर पहुंच गयी है। गंभीर रूप से बेहोश गायों को ग्लूकोज चढाया जा रहा है।

सूत्रों की माने तो एक दिन पहले सरपंच और सचिव ने परामर्श के बाद रोका छेका अभियान चलाने का फैसला लिया। शाम को सरपंच प्रमीला रामकुमार नेताम ने अपने समर्थकों को निर्देश दिया कि गांव की गाय को पुराने पंचायत भवन में रखा जाएगा। गोबर की बिक्री होगी साथ ही गायों की सुरक्षा होगी। भविष्य में जर्जर भवन को स्थायी गौठान बनाएंगे। सभी गायों को अस्थायी गौठान बनाकर रखा जाए। इसके बाद गांव के सभी मवेशियों को जर्जर भवन के 15 सौ वर्गफिट के कमरे में रखा गया। कमरे में जबरदस्ती 100 गायों को डालकर दरवाजा बन्द कर दिया गया। इसके अलावा कुछ गायों को मैदान में ही खुला छोड़ दिया गया। सुबह तक दम घुटने से करीब 50 गायों की मौत हो गयी। जबकि बहुत गाय बेहोश है। जिनका इलाज फिलहाल चल रहा है। गांव के कुछ लोगों ने जिनकी गाय हादसे में मौत का शिकार हुई है ने बताया कि सरपंच ने गांव को आदर्श बनाने और गोबर की लालच में गायों को मौत के घाट उतारा है। इसमें अधिकारियों का दबाव भी है। जिन्होने सचिव और सरपंच को गायों को एकत्रित करने के लिए दबाव बनाया। ताकी ज्यादा से ज्याद गोबर अर्जित कर कमाई कर सकें।