*आपदा काल में एक कार्य के लिए दो मद की राशि का आहरण कर बंदरबांट करने वाले लाफा सरपंच- सचिव का एक और कारनामा..! अहाता निर्माण का कार्य कागजों में कराकर 14वे वित्त मद से निकाल ली 3 लाख की राशि

*आपदा काल में एक कार्य के लिए दो मद की राशि का आहरण कर बंदरबांट करने वाले लाफा सरपंच- सचिव का एक और कारनामा..! अहाता निर्माण का कार्य कागजों में कराकर 14वे वित्त मद से निकाल ली 3 लाख की राशि

*आपदा काल में एक कार्य के लिए दो मद की राशि का आहरण कर बंदरबांट करने वाले लाफा सरपंच- सचिव का एक और कारनामा..! अहाता निर्माण का कार्य कागजों में कराकर 14वे वित्त मद से निकाल ली 3 लाख की राशि*

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दीपक शर्मा/कोरबा/पाली:-* बीते वर्ष कोरोना आपदा काल के दौरान कोरेनटाइन सेंटर में प्रवासी मजदूरों हेतु राशन सामाग्री खरीदी तथा रसोइया भुगतान एवं राष्ट्रीय पर्व पर मिठाई वितरण जैसे एक कार्य के भुगतान के लिए दो मद की राशि क्रमश- मूलभूत के अलावा 14वे वित्त मद की धनराशि का भी आहरण कर वारा- न्यारा करने वाले लाफा सरपंच- सचिव का एक और कारनामा प्रकाश में आया है जहां उन्होंने कागजों पर अहाता का निर्माण कराकर और 14वे वित्त मद से 3 लाख की राशि का आहरण कर बंदरबांट कर लिया। जिसे लेकर जिम्मेदार जनपद अधिकारियों की कार्यशैली भी संदेह के घेरे में है।


उल्लेखनीय है कि गत 2020 कोरोना संक्रमण के दौरान घोषित आपदा काल मे कोरेनटाइन सेंटर में ठहरे प्रवासी मजदूरों के लिए राशन सामाग्री खरीदी, रसोइये का भुगतान व राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी, 15 अगस्त में मिठाई वितरण के नाम पर मूलभूत मद से 1 लाख 46 हजार 4 सौ रुपए आहरण करने के अलावा इसी भुगतान के नाम पर 14वे वित्त से भी 1 लाख 44 हजार 2 सौ रुपए आहरित कर वारा- न्यारा करने वाले ग्राम पंचायत लाफा की सरपंच श्रीमती संगीता सिंह ने सचिव के साथ मिलीभगत कर एक और कारनामे को अंजाम दिया है जहां अपने बीते पंचवर्षीय निर्वाचित कार्यकाल के दौरान 06 वर्ष पूर्व, विगत 2015- 16 में भारत भवन (पंचायत संसाधन केंद्र) में अहाता निर्माण के नाम पर 3 लाख की राशि 14वे वित्त से निकालकर बंदरबांट कर लेने का खुलासा जियोटैग से हुआ है। जबकि धरातल पर तब अहाता निर्माण से संबंधित एक भी ईंट की नींव नही रखी गई और सम्पूर्ण काम कागजों में कराकर जनता के पैसे का दुरुपयोग करते हुए ग्राम विकास के लिए जारी राशि से अपना विकास किया गया। अब यहां पर सवाल यह उठता है कि महज कागजों में कार्य कराकर लाखों के भ्रष्ट्राचार की इबादत रचने वाले इस पंचायत की कारगुजारी क्या जनपद अधिकारियों को अबतक खुली आँखों से नही दिखी या फिर देखकर भी अनदेखा करने का प्रयास किया जाता रहा है..? यह तो वे ही जाने किंतु लाफा पंचायत में जिस तरह से शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करते हुए शासन को चुना लगाया जा रहा है उसे देखकर कहा जा सकता है कि संबंधित अधिकारियों की अनदेखी एवं निष्क्रियता से यहां भ्रष्ट्राचार की पराकाष्ठा चरम पर है। यहां के ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच अपनी मनमानी पूर्वक कार्यों को प्राथमिकता देती है जहां ग्राम पंचायत की जनता को आवश्यक बुनियादी सुविधा मुहैया कराने और ग्राम विकास के बजाय पंचायत मद की राशि का दोहन करते हुए अपना विकास किया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि वर्ष 2015 से लेकर अबतक के 14वे वित्त एवं मूलभूत मद से कराए गए समूचे कार्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए जिसमें सरपंच- सचिव के सारे काले कारनामे सामने आ जाएंगे। 


*क्रमशः- लाफा पंचायत के सरपंच- सचिव द्वारा किये गए भ्रष्ट्राचार के एक- एक कर अन्य खुलासे भी किए जाएंगे..।*