दीप प्रज्वलित कर मांगा आरोग्य की कामना

दीप प्रज्वलित कर मांगा आरोग्य की कामना

दीप प्रज्वलित कर मांगा आरोग्य की कामना


छुरा :- नगर में जन कल्याण हेतु स्थापित नेकी की दीवार प्रांगण पर दो दिवसीय रंगोली एवं दीप महोत्सव का सुंदर आगाज किया गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में राजमहल के राजकुमार एवं पार्षद यशपेन्द्र शाह, नायब तहसीलदार सुश्री कुसुम प्रधान, मुख्य नगरपालिका अधिकारी सचित साहू  विराजमान थे। नेशनल प्राईड पब्लिक स्कूल की बालिकाओं द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी, कलश श्रृंगार, धान की बाली की मनमोहक रंगोली बनाई गई थी। रंगोली द्वारा नन्ही बालिकाओं ने लोगों को वायरस से बचाव हेतु टीकाकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कन्या भ्रूण हत्या निषेध और सेव द अर्थ का भी सुंदर संदेश रंगोली के माध्यम से दिया । आसपास के गांवों की छोटी छोटी बालिकाओं द्वारा सुआ नृत्य भी प्रस्तुत किया गया । अतिथियों

 ने धनत्रयोदशी के पावन अवसर पर आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि को समर्पित तेरह दीप प्रज्वलित कर सभी जीवो के निरोगी काया की कामना की। अतिथियों, नगर के गणमान्य नागरिकों एवं समाजसेवियों द्वारा तीन दीपक विशेष रूप से मां भारती के अमर शहीदों के नाम, वैश्विक कोविड महामारी से दिवंगत सभी पुण्य आत्माओं की शांति और समस्त जीवों के कल्याण के लिए प्रज्वलित की गई। तत्पश्चात बनाए गए संदेश पूर्ण रंगोली को देखकर सभी अतिथि मंत्रमुग्ध हो गए। अपने उद्बोधन में यशपेंद्र शाह ने नगरवासियों को धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा की बधाई, शुभकामना दिए। सुश्री कुसुम प्रधान ने कहा कि दीपों की रोशनी की तरह ही समग्र जीवो का जीवन जगमगाता रहे।  सतीश साहू ने कहा कि जिस तरह समुद्र मंथन से आरोग्य के आचार्य धनवंतरी का प्रादुर्भाव हुआ था, ठीक उसी तरह आत्ममंथन से हमारे जीवन में भी ज्ञान का प्रादुर्भाव होता है। हम सभी के जीवन से सारे कष्टों का निवारण हो। उन्होंने लोगों को नेकी की दीवार में अपने आवश्यकता से अधिक की सामग्री का दान करने की भी अपील किया। शिक्षक हेमलाल पटेल, शंकर यदु, देव नारायण यदु और कृष्ण कुमार पटेल ने धनतेरस में दान की महत्ता पर प्रकाश डाला। संचालन शिक्षक अर्जुन धनंजय सिन्हा ने किया। आभार प्रदर्शन समाजसेवी मनोज पटेल ने किया। उपस्थिति बालिकाओं को सम्मान स्वरूप पारितोषिक भेंट किया गया। कार्यक्रम में स्टाफ नर्स सुश्री सुमन लहरे, व्यवसायी सतीश पाल, वेद ध्रुव भैंसामुडा का विशेष योगदान रहा। गोरक पटेल, नरेन्द्र साहू, फलेंद्र साहू, राहुल शर्मा शीतल ध्रुव पुनित ठाकुर रूपनाथ बंजारे ने भी सहयोग प्रदान किया।