*16 माह बाद शासकीय- निजी विद्यालयों का संचालन शुरू, शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए नगर पंचायत अध्यक्ष व पार्षदगण, बच्चों को दिए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

*16 माह बाद शासकीय- निजी विद्यालयों का संचालन शुरू, शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए नगर पंचायत अध्यक्ष व पार्षदगण, बच्चों को दिए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

*16 माह बाद शासकीय- निजी विद्यालयों का संचालन शुरू, शाला प्रवेशोत्सव में शामिल हुए नगर पंचायत अध्यक्ष व पार्षदगण, बच्चों को दिए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं*

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_दीपक शर्मा/*कोरबा/पाली:-* करीब डेढ़ वर्ष से बंद छत्तीसगढ़ के सभी शिक्षण संस्था राज्य शासन के निर्देशानुसार पठन- पाठन के लिए 02 अगस्त से खुल गए है तथा कम सही, स्कूलों की रौनकता लौट आयी है। जहां हर शाला भवन के पट खुलने के साथ ही प्रवेश उत्सव मनाया गया। जिसमे पाली नगर में संचालित कन्या माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला टावर मोहल्ला एवं क्रमांक- 02 व छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेंडरी निजी स्कूल में शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष उमेश चंद्रा, उपाध्यक्ष विनय सोनकर, पार्षद मुकेश अग्रवाल, सोना ताम्रकार, दीपक जायसवाल शामिल हुए। इस अवसर पर अध्यक्ष व पार्षदों ने मिलकर कहीं बच्चों को मिठाई खिलाकर, कहीं तिलक लगाकर, तो कहीं पुस्तक वितरण कर, और कहीं पौधारोपण कर उक्त कार्यक्रम मनाया गया। इस दौरान नप. अध्यक्ष उमेश चंद्रा ने स्कूली बच्चों को सजग होकर पढ़ाई करने के साथ कोविड नियम का पालन किये जाने की बात कहते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। साथ ही उपस्थित शिक्षक- शिक्षिकाओं को बच्चों के शिक्षण को लेकर समय- समय पर उनका उत्साहवर्धन किये जाने की सलाह भी दी गई। ताकि बच्चे पढ़ाई- लिखाई को लेकर हमेशा उत्साहित रहे और उनका बौद्धिक विकास तेजी से हो सके। वहीं पार्षद मुकेश अग्रवाल ने शाला में उपस्थित बच्चों को कोरोना प्रोटोकॉल के तहत स्कूलों में अलग- अलग ग्रुपों में हर रोज 50 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति, मास्क व सेनिटाइजर की अनिवार्यता के अलावा घर पर भी हाथों की नियमित साफ- सफाई सहित कोरोना संक्रमण से बचाव के बारे में बताया एवं टीचरों को स्कूल पहुँचने वाले बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रख हर एक बच्चे का थर्मल स्कैनिंग करने  की बात कही। इस दौरान उक्त कार्यक्रम में पाली सीआरसी श्री गौतम, शिक्षक- शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र- छात्राएं उपस्थित रहें।