रावण मतलब रुलाने एवं दुख देना वाला, इसका दहन जरूरी-नीलकंठ ठाकुर

रावण मतलब रुलाने एवं  दुख देना वाला, इसका दहन जरूरी-नीलकंठ ठाकुर

रावण मतलब रुलाने एवं  दुख देना वाला, इसका दहन जरूरी-नीलकंठ ठाकुर



छुरा:- नव रात्रि समाप्ति पश्चात अंचल मे बडी़ ही धूम धाम व हर्सोउल्लास के साथ विजयदशमी पर्व मनाया गया। 

जनपद पंचायत के आश्रित पंचायत पंचायत क्षेत्र क्रमाँक १८ ग्राम पंचायत देवरी के ग्राम विजयपुर व देवरी मे बड़े ही धुमधाम व हर्सोउल्लास के साथ विजयदशमी पर्व मनाया गया। 

  रावण दहन विजय दशमी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश प्रतिनिधि व क्षेत्रिय वर्तमान जनपद सदस्य नीलकंठ सिंह ठाकुर थे। 

अध्यक्षता सरपंच अशोक सिंह ठाकुर ने किया। विशेष अतिथि बतौर दीलिप, नरेश, तिहार सांग ठाकुर,दूलार सिंहा,प्रमोद ध्रुव उपस्थित थे। मुख्य अतिथि नीलकंठ सिंह ठाकुर ने कहा कि रावण अर्थ रुलाने वाला, दुख देने वाला होता है।


आज किसी के घर में गणेश ,रावण, और दुर्गा की प्रतिमा  जैसा बच्चा पैदा हो तौर लोग कुछ समय के लिए श्रद्धा भाव से पुजा अर्चना कर पैसा चढा़येगे और फिर बाद मै कौतूहल वस टिप्पणी करेंगे कि इसका जीवन कैसा होगा।  वैसा ही आज हम सभी सांकेतिक प्रतिमा को परमात्मा मानते आ रहे ये सभी  हमे गगुणीं और कर्तव्यी का बोध कराते है। रावण का दश शीश स्त्री और पुरुष के पाँच पाँच विकारों का प्रतीक मुड़ है।काम ,क्रोध, मोह,लोभ,और अहंकार रूपी दश सीर वाले रावण को जलाना ही सच्ची  दश में  विजय प्राप्त करना  है।


 अध्यक्षता कर रहे सरपंच अशोक ठाकुर ने कहा  यह दिखावा बन कर ना रह जाये इस पर्व से प्रेरणा लेकर देखने, समझने लायक बन। उन्होने सभी नागरिक बधाई एवं शुभकामनाऐ दी। 

    रात्रिकालीन देवरी मे नन्हा बाल कलाकारों के द्वारा आकर्षस रंगारंग झाँकी की प्रस्तुति दी गयी सरपंच अशोक सिंह ठाकुर  व जनपद नीलकंठ सिंह ठाकुर के द्वारा बच्चो को श्री फल के साथ संयुक्त रुप से प्रोत्सहन स्वरूप राशि भेट की गयी 

 विजयदशमी के कार्यक्रम मे बडीं संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।