चंद्रहासिनी विद्यापीठ मिरौनी में मनाया गया ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या दिवस

चंद्रहासिनी विद्यापीठ मिरौनी में मनाया गया ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या दिवस

चंद्रहासिनी विद्यापीठ मिरौनी में मनाया गया ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या दिवस


 कन्हैया गोयल /शक्ती-दुनियाभर में तेजी से बढ़ती जनसंख्या की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है. बढ़ती जनसंख्या कई विकासशील देशों के लिए बड़ी समस्या है. यहां जनसंख्या विस्फोट एक गंभीर चिंता का विषय है,इसी तारतम्य में श्री गोपाल जी महाप्रभु एवं चंद्रहासिनी देवी मंदिर सार्वजनिक न्यास द्वारा स्थापित व  संचालित अंचल के उत्कृष्ठ विद्यालय चंद्रहासिनी विद्यापीठ मिरौनी के द्वारा विश्वजनसंख्या दिवस पर जनसामान्य को जागरूक करने की दृष्टि से अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किये गए जिसमें मुख्यतः ड्राईंग व पेंटिंग बनाना था जिसमे विद्यालय के सभी छात्रों ने अपनी सहभागिता निभाई,विद्यालय के एडमिन सोनु कुमार महतो ने लोगों को जनसंख्या वृद्धि को रोकने हेतु जन जागृति लाने की अपील करते हुए का की आज नितांत आवश्यकता भी यही है कि हम समाज को नई दिशा तभी दे सकते है जब हम सबल हों और यह तभी सम्भव है जब हम नियंत्रित व संगठित होकर रहें,बच्चों का उत्साहवर्धन व जनसामान्य को संदेश देते हुए विद्यालय के संचालक श्री पूनमचंद अग्रवाल नें कहा कि - विद्यार्थियों के लिए  छोटे -छोटे कार्यक्रम आयोजित कर जन सामान्य को यह संदेश देना है कि आज बढ़ती जन संख्या के इस भीषण काल मे हमारा विकाश रुक सा गया है, आज हम अनेक प्रकार के परेशानियों का सामना कर रहे है, यदि हमें विकाशशील से विकसित होना है तो सबसे आवश्यक है कि हम जनसंख्या वृद्धि दर को नियंत्रित करें और यह आवश्यक ही है हमे यह करना ही होगा तभी हमारे समाज में आपसी समन्वय और सौहाद्र पूर्ण वातावरण निर्मित हो पायेगा। उदबोधन की श्रृंखला में संस्था के प्रबन्धक गोविंद अग्रवाल ने जन सामान्य को सटीक सन्देश देते हुए कहा कि विकाश हमारा लक्ष्य है तो यह लक्ष्य हम तभी हासिल कर सकते है जब हम व्यवस्थित हों और हम व्यवस्थित तब होंगे जब हम संयमित रहे,आज की वर्तमान विश्वव्यापी समश्या जनसंख्या की है जिसे युद्ध स्तर पर बढ़ने से रोकना हमारा कर्तव्य है हमे लोगो मे जागरूकता लाने की आवश्यकता है,अंत में  प्राचार्य देबोज्योति मुखर्जी जी ने सब का आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि इस प्रकार के उपलक्षो में विद्यार्थियों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक कार्यकमों का आयोजन करना विद्यार्थियों के मनोवैज्ञानिक विकाश के लिए व विषय वस्तु को जानने के लिए आवश्यक है। कार्यकम में विद्यालय के सभी शिक्षक - शिक्षिकाएं ऑनलाइन के माध्यम से सम्मिल्लित रहे।