शासन के नियमों का पालन कर दीपावली की तरह मनाएंगे विश्व आदिवासी दिवस- नीलकंठ ठाकुर

शासन के नियमों का पालन कर दीपावली की तरह मनाएंगे विश्व आदिवासी दिवस- नीलकंठ ठाकुर

शासन के नियमों का पालन कर दीपावली की तरह मनाएंगे विश्व आदिवासी दिवस- नीलकंठ ठाकुर


छुरा :-  विश्व आदिवासी दिवस मनाये जाने के विषय पर सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश प्रतिनिधि व वर्तमान जनपद सदस्य नीलकंठ सिंह ठाकुर से पुछे जाने पर कहा कि द्वितिय  विश्व युद्ध के बाद विश्व में शांति स्थापना के साथ साथ विश्व के देशों में  पारंपरिक मैतृपूर्ण समन्वय बनाना, एक दूसरे के अधिकार एवं स्वतंत्रता को  सम्मान साथ बढ़ावा देना  एवं विश्व में गरीबी उन्मूलन, शिक्षा स्वस्थ के विकास के उद्देश्य से 24  अक्टूबर  1945को संयुक्त राष्ट्र संघ का गठन किया गया। जिसमें अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन, चीन,  भारत सहित वर्तमान में  192 देश सदस्य  है। अपने संगठन के पचास वर्ष बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने यह महसूस किया 21वीं शादी में भी विश्व के विभिन्न देशों में निवारण जनजाति आदिवासी समाज अपनी उपेक्षा, गरीबी, अशिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा का अभाव, बेरोजगारी एवं बछुआ मजदूर जैसे समस्याओं से ग्रसित हैं ।जनजाति समाज के उक्त समस्याओं के निराकरण हेतु विश्व के ध्यानाकर्षण के लिए वर्ष 1994 मे संयुक्त राष्ट्र संघ ने महासभा में  प्रति वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाये जाने का फैसला लिया है।


 आगे आदिवासी प्रदेश स्तरीय नेता नीलकंठ सिंह ठाकुर ने कहा कि 

इसी परिप्रेक्ष्य में पुरे भारत वर्ष के जनजाति आदिवासी समाज नौ अगस्त को  विश्व आदिवासी दिवस  के दिन दीपावली की तरह मनाते है और  अपनी समस्त समस्याओं को शासन प्रशासन को अवगत कराते है।  

मगर कोराना संक्रमण में  शासन के समस्त निर्देशो का पालन करते हुए इस विश्व आदिवासी दिवस त्यौहार  को मनाया जाएगा ।


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