बारिश में अमृतधारा जलप्रपात का मनमोहक दृश्य लोगो को कर रहा बेहद आकर्षित

बारिश में अमृतधारा जलप्रपात का मनमोहक दृश्य लोगो को कर रहा बेहद आकर्षित

अमृतधारा जल-प्रपात में मकरसंक्रांति एवं महाशिवरात्रि पर लगता है मेला, भारी संख्या में जुटते है श्रद्धालु   

रायपुर| छत्तीसगढ़ में ऐसे तो पर्यटन स्थलों कि भरमार है जिसमे बस्तर व सरगुजा संभाग के प्रसिद्ध स्थल शामिल है, कोरिया जिले की जीवनदायनी एवं प्रदेश की ऊर्जादायिनी नदी हसदेव पर बने अमृतधारा जलप्रपात बारिश में मौसम में बेहद ही विशाल रूप लेकर मनोरम दृश्य निर्मित कर रही है| प्रदेश की प्रथम विधानसभा भरतपुर सोनहत के अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत मेण्ड्रा स्थित मैकल की पहाडिय़ों से निकलकर हसदेव नदी पहले गौरघाट में एक जलप्रपात का रूप लेती है यह स्थल भी अपने आप में अद्वितीय है और कई विशेषताओं को अपने में समाहित किए हुए है। यहां गर्मियों में जिले के साथ ही साथ दूसरे जिलों के सैलानी भी अपने परिवार के साथ सुकून के दो पल बिताने के लिये यहां पहुंचते हैं।

हसदेव की निरमल धारा नागपुर के पास स्थित ग्राम पंचायत लाई में राष्ट्रीय राजमार्ग 43 से लगभग 8  किमी दूर एक जलप्रपात के रूप में गिरती है जिसके सौन्दर्य के कारण इसका नाम अमृतधारा पड़ा। इस जलप्रपात का विहंगम दृश्य देखने के लिये न केवल छत्तीसगढ़ वरन् मध्यप्रदेश के लोग भी यहां काफी संख्या में पहुंचते है। खासकर गर्मी के समय निरमल जलधारा जो काफी ऊचाई से गिरती है लोगों के लिये आश्यर्च का केन्द्र होती है। दिनों-दिनों इस जलप्रपात में आने वाले सैलानियों की बढ़ती हुई संख्या को देखकर यहां हाईमास्क लाइट लगाई गई है जो रात के समय अमृतधारा के सौन्दर्य को दोगुना कर देती है। जल प्रपात के साथ ही साथ कई दुलर्भ प्रजातियों की जड़ी बूटियां, वनस्पतियां भी मौजूद है वहीं जलप्रपात के नजदीक स्थित प्राचीन शिवमंदिर की भी अपनी मान्यता है। यहां प्रति सोमवार काफी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। इसके अलावा यहां मकरसंक्रांति एवं महाशिवरात्रि पर मेला भी आयोजित किया जाता है जिसमें काफी संख्या में लोगों शामिल होते है।