मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल ने की गोधन न्याय योजना की समीक्षा

मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल ने की गोधन न्याय योजना की समीक्षा

किसी भी कीमत में गोबर बेचने वाले पशुपालकों एवं हितग्राहियों को 15 दिन के भीतर उनके खातों में भुगतान करें पहला भुगतान 5 तारीख को अनिवार्य रूप से करें: आर.पी. मण्डल 

रायपुर| मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल ने रायपुर स्थित चिप्स कार्यालय में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अमिताभ जैन, सचिव कृषि श्रीमती एम.गीता, सचिव सहकारिता श्री प्रसन्ना आर, श्री हिमशिखर गुप्ता पंजीयक सहकारी संस्थाएं तथा सभी बैंकर्स के साथ बैठक कर माननीय मुख्यमंत्रीजी की मंशानुरूप गोबर खरीदी की 15 दिन के भीतर भुगतान करने तथा पहला भुगतान 5 तारीख तक करने के निर्देश दिए गए। 

इस हेतु मुख्य सचिव द्वारा अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में चार अधिकारियों की समिति बनाई गई है जिसमें श्री गौरव द्विवेदी, प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, श्रीमती एम. गीता, सचिव, कृषि विभाग एवं श्री प्रसन्ना आर. सचिव सहकारिता विभाग रहेंगे। ये चारों अधिकारी रोज जिलों के कलेक्टर जिले से कान्टेक्ट करके कितने लोगों का भुगतान करना है, कितनी राशि भुगतान करनी है इस सबकी मानिटरिंग करेंगे और किसी भी कीमत पर 15वे दिन भुगतान हितग्राही के खाते में जायेगा, यह सुनिश्चित करेंगे। मुख्य सचिव ने जोर देकर के कहा कि जिस तरह से सिस्टम बना है जिसमें तेन्दूपत्ता के हितग्राहियों के खाते में सीधा भुगतान होता है, धान खरीदी के समय हितग्राहियों के खाते में सीधा भुगतान होता है, ठीक उसी तर्ज पर सीधा पैसा गोबर के हितग्राहियों के खाते पहुंचना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव ने साफ कहा कि गोठान समिति पूरे एक्टिवेट हो और इसके अलावा वहां के स्थानीय लोगों को इस कार्य के लिए नोडल बनाया जावे।  और गोबर हितग्राही  का खाता यदि नहीं खुला है तो खाता खुलवाने की कार्यवाही करें और किसी भी किमत पर नगद भुगतान नहीं होगा उनके खाते में भुगतान सीधा जायेगा इस हेतु बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों एवं बैंकर्स को समुचित निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने सचेत किया कि किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश नहीं की जावेगी। माननीय मुख्यमंत्रीजी की मंशानुरूप सीधे खाते में पैसा जाना चाहिए। जिस तरह से तेन्दूपत्ता हितग्राहियों का खातो में भुगतान होता है, जिस तरह धान खरीदी में हितग्राहियों के खातों में भुगतान होता है उसी तर्ज पर गोबर खरीदी का भुगतान हितग्राहियों के खातों में सीधा किया जावे।