इंटक के राष्ट्रीय सचिव किशोर वैती, पर्सिस मोनालिसा एवं मशहूर छत्तीसगढ़ी गायक दिलीप षडंगी का 1 सितंबर को होगा कांकेर आगमन

इंटक के राष्ट्रीय सचिव किशोर वैती, पर्सिस मोनालिसा एवं मशहूर छत्तीसगढ़ी गायक दिलीप षडंगी का 1 सितंबर को होगा कांकेर आगमन

*इंटक के राष्ट्रीय सचिव किशोर वैती, पर्सिस मोनालिसा एवं मशहूर छत्तीसगढ़ी गायक दिलीप षडंगी का 1 सितंबर को होगा कांकेर आगमन*


कांकेर। इंटक के राष्ट्रीय सचिव और प्रवक्ता गणेश तिवारी का 1 सितंबर को जन्मदिन है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के बड़े राजनीतिक चेहरे और कलाकारों का आगमन होना है। इसी कड़ी में इंटक के राष्ट्रीय सचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी अशोक साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि इंटक के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता किशोर वैती महाराष्ट्र से एवं राष्ट्रीय सचिव पर्सिस मोनालिसा बैंगलोर से 1 सितंबर को गणेश तिवारी के जन्मदिन के अवसर पर कांकेर पधारेंगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायक दिलीप षड़ंगी भी कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते सोशल डिस्टेंसिंग व शासन एवं प्रशासन के नियमों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में शामिल होंगे।


गणेश तिवारी के जन्मदिन पर कांग्रेस के बड़े व  वरिष्ठ नेताओं के आगमन की भी संभावना है। उन्होंने बताया कि सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी उनके जन्मदिन पर कांकेर पहुंचेंगे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक दिलीप षड़ंगी का भी उनके जन्मदिन पर कांकेर आगमन होगा और वे इस अवसर पर अपने सुरीले गीतों की मधुर छटा बिखेरेंगे।


गणेश तिवारी ने कहा है कि वे बहुत ही खुश हैं कि राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता किशोर वैती जी और राष्ट्रीय सचिव पर्सिस मोनालिसा ने उनके निमंत्रण को स्वीकार कर कांकेर आने की बात कही है। साथ ही छत्तीसगढ़ में संगीत के महारथी व सुप्रसिद्ध गायक दिलीप षड़ंगी जी भी उपस्थित रहेंगे। गणेश तिवारी ने कहा कि किशोर वैती जी के सुलझे हुए नेता हैं। वे हमेशा दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहकर कार्य करते रहें हैं। कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन के समय भी उन्होंने महाराष्ट्र में फंसे कई माजदूर, श्रमिक, गरीब व जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए बढ़चढ़कर कार्य करते हुए उनकी सहायता की। उनके भोजन, राशन-पानी, दवाइयों एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं का भी वितरण उन्होंने किया।


गणेश तिवारी ने बताया कि किशोर वैती जी राजनेता के साथ ही एक शिक्षक भी हैं। जो पिछले 20 वर्षों से स्कूल व कॉलेज में छात्रों को निःशुल्क में कोचिंग भी प्रदान करते हैं। वे इंटक के वरिष्ठ राष्ट्रीय सचिव हैं जिन्होंने बीकॉम, डीबीएम, डीसीएम व डीएफएम की शिक्षा ग्रहण की है। वर्तमान समय में वे श्रमिक मजदूर भाइयों को न्याय दिलाने के लिए लॉ एलएलबी डिग्री की उनकी पढ़ाई भी चालू है। एलएलबी करने का उनका मुख्य उद्देश्य मजदूर कानून में महारत हासील करके राष्ट्रीय स्तर पर मजदूर व श्रमिकों को उनका अधिकार दिलाने तथा उनकी हक की लड़ाई लड़ना है।

 

उन्हें अपने राजनैतिक व निजी जीवन में भी कई उपलब्धियां हासिल की हैं।उन्होंने ओबीसी के लिये राष्ट्रीय स्तर पर सरकार के ओबीसी आरक्षण के नीती पर कार्य किया है। इसके साथ ही उन्होंने पिछले 25 वर्षों तक सालोसे एक नामांकित कंपनी में सीनियर कमर्शियल मैनेजर के पद पर रहते हुए अपनी सेवा प्रदान की है। वे इंटक मुंबई, महाराष्ट्र मे आगरी - कोळी  संगठन के महाराष्ट्र सचिव रह चुके हैं और मुंबई में अनेक लोकोपयोगी संस्थाओ से जुड़े हुए हैं।


उन्होंने केवल महाराष्ट्र ही नही बल्कि देशभर में गरीब, दलित, पिछड़े, मजदूर, श्रमिक व जरूरतमंद लोगों की सहायता करते आए हैं। उन्होंने हमेशा किसानों व श्रमिकों के हित के लिए कई आंदोलन किये और उनके हितों के लिए मुखरता से आवाज बुलंद करते हुए जनांदोलन किये हैं। गरीबों की हक लड़ाई हो या माजदूर व श्रमिकों को उनका अधिकार दिलाना हो वो मुखरता से अपनी बात रखते हुए हमेशा उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद किया है।


गणेश तिवारी ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि मेरे जन्मदिन के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक दिलीप षड़ंगी जी का भी आगमन हो रहा है जिससे मैं बहुत ही हर्षित हूँ। दिलीप षडंगी जी ने छत्तीसगढ़ में संगीत के क्षेत्र में कई अहम योगदान दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ी संगीत को एक नया मुकाम दिया है और विश्व पटल पर छत्तीसगढ़ की लोक संगीत को एक मंच दिया है। आज देश ही नही बल्कि विदेशों में भी छत्तीसगढ़ी संगीत अपनी एक अलग पहचान स्थापित कर चुका है जिसमें दिलीप षड़ंगी जी का भी विशेष योगदान है।


"का साबुन चुपरथस गोरी" और "आमा पान के पतरी" जैसे गाने लिखने और गाने वाले गीतकार दिलीप षडंगी जी ने छत्तीसगढ़ में संगीत को एक पायदान और ऊपर ले जाने में एक अमूल्य योगदान दिया है। इन महान हस्तियों के आगमन की खबर से इंटक व कांग्रेस के सदस्यों के साथ साथ कांकेर क्षेत्र के श्रमिक, मजदूर, किसान और जनता में उत्सुकता बनी हुई है। इस दौरान कोरोना महामारी को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग एवं लॉकडाउन के नियमों का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाएगा।