बहन ही संसार में भाईयों की कलाई में रक्षासूत्र बांध सकती हैं-प्रदेश प्रतिनिधि

बहन ही संसार में भाईयों की कलाई में रक्षासूत्र बांध सकती हैं-प्रदेश प्रतिनिधि

बहन ही संसार में भाईयों की कलाई में रक्षासूत्र बांध सकती हैं-प्रदेश प्रतिनिधि

ब्यूरो-श्रमिक मजदूर संघ प्रदेश प्रतिनिधी रुपनाथ बंजारे रक्षा बंधन पर अपनी बहनों की अपार प्रेम स्नेह की रक्षासूत्र बंधवाते हुए।और कहा यह पर्व भाई-बहन के रिश्तो की अटूट डोर का प्रतीक है, भारतीय परंपराओं का या एक ऐसा पर्व है, जो केवल भाई-बहन के स्नेह के साथ साथ हर समाजिक बंधन को मजबूत करता है. इस लिए यहां पर्व भाई-बहन को आपस में जोड़ने के साथ-साथ सांस्कृतिक सामाजिक महत्व भी रखता है। रक्षाबंधन या रक्षा करने वाला बंधन मतलब धागा है। इस पर्व में बहने अपने भाई के कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और बदले में भाई जीवन भर उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं रक्षाबंधन को राखी या सावन के महीने में पड़ने की वजह से श्रावणी या सलोनी भी कहा जाता है।