प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के प्रकरणों का कलेक्टर ने किया अनुमोदन

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के प्रकरणों का कलेक्टर ने किया अनुमोदन

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के प्रकरणों का कलेक्टर ने किया अनुमोदन



धनेश्वर बंटी सिन्हा/धमतरी-कलेक्टर पीएस एल्मा की  अध्यक्षता में आज दोपहर को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कलेक्टर ने इस योजना का प्रचार-प्रसार करते हुए संभावित उद्यमियों की पहचान कर उन्हें हैण्ड होल्डिंग सपोर्ट देते हुए इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित करने के लिए भी उन्होंने निर्देशित किया।

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज दोपहर को आयोजित बैठक में जिला पंचायत की सी.ई.ओ. श्रीमती प्रियंका महोबिया ने उक्त योजना से स्वसहायता समूहों को जोड़कर तथा संभावित परियोजनाओं की पहचान कर इसकी जानकारी उद्यमियों को प्रदान करने के निर्देश दिए। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक  एसपी गोस्वामी ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि तकनीकी ज्ञान, कौशल प्रशिक्षण के साथ सहायता सेवाओं के माध्यम से उद्यमियों की क्षमता का निर्माण करना प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए उद्यमियों को ऋण दिलाना, साथ ही विपणन संबंधी सहायता प्रदान करना इसका उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि इसके तहत लाभान्वित होने वालों में हितग्राही, कृषक उत्पादक संगठन एवं स्वसहायता समूह भी हो सकते हैं जिसके लिए सूक्ष्म उद्योगों को 35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक का अनुदान अधिकतम 10 लाख रूपए तक उपलब्ध कराया जाएगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि भारत सरकार द्वारा ‘एक जिला एक उत्पाद‘ योजना के तहत चावल आधारित उत्पादों की इकाइयां स्थापित करने के लिए धमतरी जिले का चयन किया गया है, जिसके अंतर्गत जिले में राइस नूडल्स, मुरमुरा निर्माण, राइसब्रान आइल निर्माण, पापड़, मुर्कू निर्माण, राइस स्टार्च निर्माण, एडिबल राइस पेपर आदि इकाइयां उद्यमियों के द्वारा स्थापित की जा सकती हैं। इस दौरान कृषि विज्ञान केन्द के वैज्ञानिक द्वारा सर्वेक्षण कर अन्य उत्पादों की संभावना के बारे में जानकारी दी गई। बैठक में उद्यमियों को क्रमशः पफ्ड राइस प्रोडक्ट के लिए 29.34 लाख रूपए, फल्स बेस्ड प्रोडक्ट्स के लिए 31.59 लाख रूपए तथा एक अन्य उद्यमी को बेकरी आइटम के लिए 16.61 लाख रूपए के ऋण प्रकरणों का अनुमोदन जिला स्तरीय समिति के द्वारा किया गया।