गरियाबंद पुलिस का दिखा मानवीय चेहरा- मृतकअज्ञात बुजुर्ग का किए अंतिम संस्कार

गरियाबंद पुलिस का दिखा मानवीय चेहरा- मृतकअज्ञात बुजुर्ग  का किए अंतिम संस्कार

गरियाबंद पुलिस का दिखा मानवीय चेहरा- मृतकअज्ञात बुजुर्ग  का किए अंतिम संस्कार



मानवीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक गरियाबंद द्वारा थाना प्रभारी फिंगेश्वर व टीम का किए तारीफ


कुलेश्वर सिन्हा/गरियाबंद-पुलिस विभाग अक्सर नियम कानून से बंधे होने की दुहाई देकर खुद को काफी सख्त रखने का प्रयास करता है। लेकिन कई बार विभाग से जुड़े लोग लीक से हटकर ऐसे काम कर देते है जो आम जनमानस के दिलों को छू लेते है। ऐसा ही एक मार्मिक कार्य थाना फिंगेश्वर  का सामने आया है। 21 जुलाई की दरमियानी रात लगभग 9 बजे गश्त पर निकली पुलिस पार्टी को बोरिद गांव के पास सड़क किनारे एक बुजुर्ग अचेत अवस्था मे मिला था।




पुलिस पार्टी बुजुर्ग को अपनी गाड़ी में अस्पताल लेकर आयी जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी भूषण चंद्राकर ने अपने स्टॉफ के साथ मिलकर एक लावारिश बुजुर्ग की लाश का सम्पूर्ण विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया। पुलिस ने पारिवारिक सदस्यों की तरह बुजुर्ग को अंतिम विदाई दी। फिंगेश्वर पुलिस का यह मानवतावादी चेहरा पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस ने शव को पीएम के पश्चात मर्चुरी में रखकर दो दिन तक उसकी शिनाख्त की कोशिश की मगर सफलता नही मिली। अंत मे कल दोपहर बाद पुलिस ने पूरे विधि-विधान के साथ अज्ञात मृत व्यक्ति का अंतिम संस्कार किए। सभी लोग थाना प्रभारी और उसके साथियों की जमकर सराहना कर रहे है। इस कार्य मे थाना प्रभारी के साथ उनके आरक्षक तरुण सिंह सिदार, यादराम पटेल, मनोज निषाद, कृतेश प्रजापति और ज्ञानचंद बंजारे का भी अहम योगदान रहा।