कोरोना एक वैश्विक समस्या,शत- प्रतिशत वैक्सीनेशन एवं कोविड गाइड लाइन के कड़ाई से पालन ही से ही हम पा सकते हैं कोरोना पर नियंत्रण-- डॉ सुमित गर्ग जांजगीर

कोरोना एक वैश्विक समस्या,शत- प्रतिशत वैक्सीनेशन एवं  कोविड गाइड लाइन के कड़ाई से पालन ही से ही हम पा सकते हैं कोरोना पर नियंत्रण-- डॉ सुमित गर्ग जांजगीर

कोरोना एक वैश्विक समस्या,शत- प्रतिशत वैक्सीनेशन एवं  कोविड गाइड लाइन के कड़ाई से पालन ही से ही हम पा सकते हैं कोरोना पर नियंत्रण-- डॉ सुमित गर्ग जांजगीर


लेखक राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं


 शक्ति से संवाददाता कन्हैया गोयल की खबर 


सक्ती-वर्ष 2019 के अंतिम चरण में दुनिया के देश चीन के वुहान प्रयोगशाला से निकले कोरोना वायरस ने विगत 2 वर्षों से संपूर्ण विश्व की एक बहुत बड़ी आबादी को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है, ना केवल विकासशील राष्ट्र अपितु अमेरिका व यूरोप जैसे समृद्ध देश भी इससे भयानक रूप से प्रभावित हुए हैं, इन देशों में लाखों- करोड़ों की संख्या में लोग इस वायरस से संक्रमित हुए तथा असमय ही काल के गाल में समा गए,उक्ताशय की बातें छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर एवं वर्तमान में जांजगीर-चांपा जिला जिला कलेक्ट्रेट में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर डॉ सुमित कुमार गर्ग ने कहीं हैं, ज्ञात हो कि डॉ सुमित कुमार गर्ग स्वयं अपने दायित्वों के सजगता से निर्वहन के साथ ही फुर्सत के क्षणों में पुस्तकों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं,तथा डिप्टी कलेक्टर डॉ सुमित कुमार गर्ग ने बताया है कि वर्तमान में विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश बनने की ओर भारत अग्रसर है, एवं यहां कोरोनावायरस ने अपना कहर विभिन्न रूपों में बरपाया है, भारत में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भुखमरी, मजदूरों का पलायन शासकीय व निजी चिकित्सालयों में बिस्तरों की कमी दवाइयों व वैक्सीन वितरण में व्यापक पैमाने पर अनियमितता ने संपूर्ण देशवासियों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया है, तथा कोरोनावायरस बचाव हेतु चलाए  गया वैक्सीनेशन कार्यक्रम संपूर्ण भारतवर्ष में काफी प्रभावी एवं गतिशील है, तथा वर्तमान में संपूर्ण विश्व में सर्वाधिक वैक्सीनेटेड देशों का आकलन किया जाए तो भारत सबसे अग्रणी स्थान पर है, एवं पूर्व में 90 के दशकों में भी भारत देश में पल्स पोलियो अभियान वृहद रूप से सफलतापूर्वक संचालित किया जा चुका है, तथा इस कार्यक्रम की सफलता से इनकार नहीं किया जा सकता है, एवं कोरोनावायरस का खतरा अभी भी पूरी तरह से टला नहीं है हमें काफी सावधान एवं सतर्क रहने की आवश्यकता है, यदि हम स्वयं अपनी सुरक्षा नहीं करेंगे तो निश्चित रूप से कोविड-19 का संक्रमण हमें पुनः किसी भी रूप में प्रभावित कर सकता है, डॉ सुमित कुमार गर्ग कहते हैं कि कोविड की प्रथम लहर की समाप्ति के उपरांत जिस प्रकार से देश में लाक डाउन में ढील दी गई उसने कोरोना की दूसरी लहर को स्वतः ही निमंत्रण दिया, एवं lock-down की ढील से जहां हम सब कहीं ना कहीं पूर्णतः सावधानिया रखने की बजाय कड़ाई से शासन के दिशा निर्देशों का पालन नहीं कर पाए एवं विगत महीनों देश के 4 राज्यों में हुए विधानसभा के चुनाव हो, आईपीएल के क्रिकेट मैचों का आयोजन हो, वैवाहिक समारोह की बात हो, इन सभी में कोविड की गाइडलाइन एवं प्रोटोकॉल का उल्लंघन देखा गया है, जो कि निश्चित रूप से एक चिंतनीय विषय है वर्तमान समय में देश में कोविड की दूसरी लहर गतिशील है तो वहीं तीसरी लहर का खतरा भी जानकारी के अनुसार हम पर बना हुआ है,एवं कोरोना के नए- नए रूपों एवं वेरिएंट जैसे डेल्टा एवं डेल्टा प्लस ने भी सभी की चिंता को बढ़ा दिया है, आगामी भविष्य में कोरोनावायरस और नए नए रूप में आने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता, डॉ सुमित गर्ग कहते हैं कि वर्तमान में आवश्यकता इस बात की है कि लोग एवं सरकारी कोविड-19 प्रोटोकाल एवं नियमों का गंभीरतापूर्वक पालन करें एवं लोगों से पालन करवाएं, जिन राज्यों अथवा जिलों में कोरोना संक्रमित केशो में वृद्धि हो रही है वहां पुनः एक बार लॉकडाउन लगाया जाए लोगों को चाहिए कि अति आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकले मास्क एवं सैनिटाइजर का उपयोग निरंतर करें अपने हाथों को साबुन से धोते रहें शारीरिक दूरी सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का कड़ाई से पालन करें तभी इस कोरोनावायरस के संक्रमण एवं इसकी तेज रफ्तार को धीमी की जा सकती है, तथा कोविड से सफलता भी हम तभी पा सकते हैं, डॉ सुमित गर्ग कहते हैं कि आज भारत की जनसंख्या को देखते हुए कोविड-19 की तीसरी लहर से हम सभी को समय पूर्व सचेत होते हुए अपने स्वयं को एवं अपने परिवार को सुरक्षित करने की दिशा में सकारात्मक पहल करनी चाहिए एवं वैक्सीनेशन भी शत-प्रतिशत सभी पात्र लोग करवाएं तथा शासन के द्वारा जो भी स्थानीय स्तर पर कोविड-19 गाइड लाइन जारी की जाती है उसका सख्ती से पालन करें