तीन माह से जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है राजेश

तीन माह से जिंदगी और मौत के बीच  झूल रहा है राजेश

तीन माह से जिंदगी और मौत के बीच  झूल रहा है राजेश



इलाज के लिए मदद की दरकार


गरियाबंद:- जिले की सबसे बड़ी पंचायत कोपरा में  यादव परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। इकलौता कमाऊ बेटा तीन माह  से जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। सारा जमा पूंजी खत्म होने के बाद मजदूर माता-पिता के सामने  अब खाने- पीने की समस्या खड़ी हो गई है। बेटे की इलाज के लिए गरीब माता-पिता ने मदद की गुहार लगाई है।

ग्राम कोपरा के शिवचौक निवासी  लोकेश यादव का परिवार इन दिनों विकट समस्या से  गुजर रही हैं।  इकलौता 22 वर्षीय बेटा राजेश यादव खाट में पड़े- पड़े जिंदगी के दिन गिन रहा हैं। परिवार की माली स्थिति भी ऐसी नहीं है कि जवान बेटा का इलाज किसी अच्छे अस्पताल में करवा सकें। लोकेश यादव ने बताया कि उसका बेटा राजेश मिस्त्री काम में  हेल्परी करने के लिए जाता था। करीब तीन माह पहले 27 जुलाई को दो मंजिला में काम करते समय राजेश का पैर फिसल गया।  इससे राजेश के कमर में गंभीर चोट आई है।  राजधानी के एक निजी अस्पताल में इलाज करवाने पर पता चला कि राजेश की रीढ़ की हड्डी में फैक्चर  हैं। किसी तरह परिवार के सदस्यों ने राजेश का प्रारंभिक इलाज करवाया।  रीढ़ की हड्डी के आपरेशन में ही सारा जमा पूंजी खत्म हो गया।  इसके बाद से राजेश घर में ही बिस्तर पर पड़ा हुआ है। पैसा खत्म होने के बाद लाचार माता-पिता अब हताश हो गए हैं,


लोकेश यादव ने बताया कि  रोजी-मजदूरी से किसी तरह उनका गुजार चल रहा था। बेटे की तबीयत खराब होने के कारण उसके देखभाल के लिए घर में रहना पड़ता है। ऐसी स्थिति में अब लोकेश के घर में खाने के लाले पड़ने लगे हैं।  उन्होंने बेटे की इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई है।



*सरपंच पति और पूर्व जनपद सदस्य आगे आए*


राजेश की हालत को देखते हुए सरपंच डॉ. डाली साहू के पति अजय साहू और पूर्व जनपद सदस्य नेमीचंद सिन्हा आगे आए। दोनों ने परिवार  को आर्थिक रुप से मदद की। लोकेश यादव ने उनके बेटे ही हालत को देखते हुए अजय साहू ने पांच हजार रुपए और नेमीचंद सिन्हा ने एक हजार रुपए की मदद की है, इन्ही रुपयों से यादव परिवार की  चूल्हा-चौका चल रहा है,


*पिता ने की लोगो से मदद की अपील*


एक जवान बेटे की हालात को देखते हुए , पिता ने लोगो से मदद की अपील की है जिससे उचित इलाज हो सके, और घर का गुजारा हो सके, 

बहरहाल समाज मे कुछ नेक दिल इंसान भी है, जो जरूरतमंद लोगो के मदद के लिए आगे आते है, और ऐसे लोगो का भरपूर सहयोग कर मानवता का परिचय देते हैं..!



ज्ञात हो क्षेत्र में कई लोग समाज सेवा के नाम मे  फ़ोटो और सोशल मीडिया में अपनी मौजूदगी दिखाते है । कभी कभी गाव की गलियों या दुर्घटना में भी कई बार सात्वना देने भी पहुँच  जाते हैं । लेकिन जिले के कोपरा का एक  युवा जो जिंदगी औऱ मौत से खेल रहा है उसके लिए क्यो ये सोशल मीडिया में झंडा गाड़ने वाले लोग नही पहुँच पा रहे हैं । क्या इनकी जिम्मेदारी सिर्फ फ़ोटो सेशनऔर सोशल मीडिया में बनकर रहने से  ही  खत्म हो जाती है  ।

 खैर  ये तो वक्त ही बताएगा ........



मगर कुछ जिम्मेदार लोगो  ने इसकी सुध ली है उनका सहयोग भी काबिले तारीफ है । लेकिन  इन सहयोगीयो के सहयोग से पीड़ित की पीड़ा खत्म नही होने वाली हम सबको   पीड़ित की मदद करनी होगी । जिससे उक्त युवक के जीवन में फिर से  खुशियां लौट आये ।