कृषि बिल के विरोध में हर दिन तोड़े गए 200 मोबाइल टावर

कृषि बिल के विरोध में हर दिन तोड़े गए 200 मोबाइल टावर

कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे विरोध आंदोलन का आज 34वां दिन है। इस दौरान किसान अंबानी-अदाणी प्रोडक्ट्स का भारी विरोध कर रहे हैं। इसका ही नतीजा रहा कि प्रदर्शनकारियों ने केवल पंजाब में अबतक लगभग 1,500 जियो मोबाइल टावर को तोड़ चुके हैं। इससे राज्य में जियो के लगभग सवा दो लाख यूजर प्रभावित हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किसानों द्वारा तोड़े गए कुल मोबाइल टावरों में से अबतक 433 टावरों की रिपेयरिंग की जा चुकी है।

हर दिन तोड़े गए 200 मोबाइल टावर

बता दें कि पंजाब के 22 जिलों में कुल 21,306 मोबाइल टावर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते तीन दिनों में मोबाइल नेटवर्क तोड़े जाने की घटना दोगुनी हो गई है। इसमें से ज्यादातर टावर मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो के हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 25 दिसंबर तक जहां लगभग 700 टावर टूटे थे, वहीं बीते केवल तीन दिनों में यह आंकड़ा 1,504 पहुंच गई। यानी हर दिन औसतन 200 मोबाइल टावर को तोड़े गए। पंजाब में लगभग 9,000 मोबाइल नेटवर्क रिलायंस जियो के हैं।

जियो के दो लाख यूजर प्रभावित

टेलीकॉम कंपनियों के मोबाइल टावर के तहत लगभग 100-150 यूजर आते हैं। इस लिहाज से पंजाब में तोड़े गए 1500 टावर के हिसाब से राज्य में कुल दो लाख से अधिक यूजर प्रभावित हुए। हालांकि प्रति टावर बेस शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों पर भी निर्भर करती है। बता दें कि पंजाब में कुल मोबाइल फोन ग्राहकों की संख्या लगभग 4 करोड़ है। इसमें से 1.4 करोड़ ग्राहक रिलायंस जियो के हैं।

मामले पर राज्य की भूमिका

हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कृषि बिल का विरोध कर रहे किसानों से अपील की है कि वो ऐसा ना करें। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में संचार व्यवस्था प्रभावित होगी। इसके अलावा बोर्ड परीक्षा नजदीक होने के चलते छात्रों को भी दिक्कत होगी। राज्य में सोमवार से पुलिस भी ऐसे मामले ना हों, इस पर सख्ती बरत रही है। सेक्शन 25, इंडियन टेलीग्राफ एक्ट 1885 के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति टेलीकॉम इक्विपमेंट को नुकसान करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे तीन साल तक की सजा हो सकती है।

हरियाणा में अंबानी के प्रोडक्ट्स का विरोध तेज

पानीपत में समालखा के पास जीटी रोड पर स्थित रिलायंस के पेट्रोल पंप को किसानों ने सोमवार को बंद करा दिया। पोस्टर और बैनर फाड़ दिए। मामले पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। 3 पुलिसकर्मियों को पंप पर तैनात किया गया है। पंप के मैनेजर ने बताया कि यह तीसरी घटना है, जब किसानों ने पेट्रोल पंप को बंद कराया है। बता दें कि 26 नवंबर से जारी किसान आंदोलन के बीच 9 दिसंबर से किसानों ने अंबानी-अदाणी के उत्पादों का विरोध करना शुरु किया था।

सरकार से बातचीत सफल नहीं रही तो 31 दिसंबर को ट्रैक्टर मार्च

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, 'जो प्रस्ताव हमने रखे हैं, उस पर चर्चा करेंगे। कानून वापस नहीं लिए गए तो यहीं बैठे रहेंगे।' किसान 30 दिसंबर को ट्रैक्टर मार्च का ऐलान भी कर चुके हैं। लेकिन, सूत्रों का कहना है कि सरकार से बातचीत सफल नहीं रही तो 31 दिसंबर को मार्च निकाला जाएगा।