विश्व आदिवासी दिवस पर वृक्षारोपण -लोक आस्था सेवा केंद्र की रही खास भूमिका

विश्व आदिवासी दिवस पर वृक्षारोपण -लोक आस्था सेवा केंद्र की रही खास भूमिका

विश्व आदिवासी दिवस पर वृक्षारोपण -लोक आस्था सेवा केंद्र की रही खास भूमिका

छुरा ग्रामीण-छुरा अंचल के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र ग्राम तालेसर में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित 09 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस तथा कासा के 75वी वर्षगांठ पर हरियाली व पर्यावरण की दृष्टिकोण से पौधरोपण के साथ यह दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में कासा दिल्ली से निर्देशक श्री जयंत कुमार जी द्वारा ऑनलाइन वीडियो कॉलिंग के माध्यम से पौधरोपण कार्यक्रम की सभी को शुभकामनाएं दी और इस कार्य मे निरंतर लगे रहने का आग्रह किया। कार्यक्रम का प्रारंभ प्रकृति की पूजा अर्चना कर पुष्प अर्पित कर किया गया। 




कार्यक्रम में लोक आस्था सेवा संस्थान गरियाबंद की सचिव लता नेताम ने अपना परिचय देते हुए विश्व आदिवासी दिवस के महत्व के बारे में जानकारी दी कि आदिवासी जो यहाँ के मूलनिवासी है जिसका गुजारा जंगल से चलता है जंगल पर्यावरण की दृष्टि से और आजीविका की दृष्टि से हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। जंगल से हमे लकड़ी,महुआ, सालबीज, अनेक प्रकार की जड़ी बूटी आयुर्वेदिक औषधि, और हरा सोना कहे जाने वाले तेंदूपत्ता भी जंगल से प्राप्त होता है आदिवासियों के साथ हम सबका जीवन इन्ही जल, जंगल, जमीन, की बदौलत चलता है। जल ,जंगल, जमीन आदिवासियों का मूल स्थान रहा है जिसके लिए अंग्रेजों के समय से कई विद्रोह भी हुआ है। हमे इनके संरक्षण के उपाय भी करने की जरूरत है। हम पेड़ तो लगा देते है लेकिन उनकी देखरेख नही होने के कारण लंबा समय तक जीवित नही रह पाता है। आओ हम सब संकल्प करते है कि हम पेड़ लगाएंगे और उनका देखरेख भी करेंगे।




  ग्रामपंचायत गायडबरी के उपसरपंच गणेश राम ध्रुव ने वृक्षारोपण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि हम सबको इसकी जिम्मेदारी लेने की आवश्यकता है यह कार्य केवल एक व्यक्ति से सम्पन्न होने वाला नही है। लोक संगठन महिला मुखिया अनिता ध्रुव ने पौधों के विकास एवं उनके संरक्षण हेतु गांव के युथसाथियो से सहयोग करने का आग्रह किया। उदबोधन के बाद गांव स्तर पर जल, जंगल, जमीन को बचाने के लिए जागरूकता रैली भी निकाली गई। इस कार्यक्रम में ग्रामवासियो के सहयोग से तालाब के किनारे व खाली जमीन पर 200 फलदार पौधे जिसमे आम, आंवला, अमरूद, नीम आदि का पेड़ लगाया गया। इस कार्यक्रम में लोक संगठन मुखियॉ, मितानिन, स्वसहायता समुह की दीदी, व ग्रामीण शामिल हुए व सभी को फल व पेड़ का वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गयाl