खास खबर:- लाखों करोड़ों सालों से अनवरत निकल रहा गर्मपानी, रहस्य का पता लगाने विदेशों से आ चुके हैं वैज्ञानिक

खास खबर:- लाखों करोड़ों सालों से अनवरत निकल रहा गर्मपानी, रहस्य का पता लगाने विदेशों से आ चुके हैं वैज्ञानिक

खास खबर:- लाखों करोड़ों सालों से अनवरत निकल रहा गर्मपानी, रहस्य का पता लगाने विदेशों से आ चुके हैं वैज्ञानिक

 



रोहित यादव/बलरामपुर :-रहस्यों और मान्यताओं (Mystery & Beliefs)से भरा हुआ बलरामपुर रामानुजगंज जिला जहां कुछ वर्षों पहले ता नक्सलियों का पनाहगाह बना हुआ था आज अपनी विशेषताओं के कारण छत्तीसगढ़ सहित पुरे देश और दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है..


ऐसा ही एक विशेष रहस्यमय स्थान है तातापानी जहां से गर्म पानी (Hot water) का निकलना लोगों के लिए एक रहस्य का विषय बना हुआ है, किसी स्थान पर लगातार गर्म पानी कैसे उत्पन्न हो सकता है, तातापानी में 8 से 10 गर्म पानी के कुंड है, इस कुंड के गर्म जल को यहां के क्षेत्रिय भाषा में तातापानी कहा जाता है यहां अमेरिका आस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों से वैज्ञानिक रिसर्च करने आ चुके हैं वैज्ञानिकों का मानना है की यहां जमीन के नीचे सल्फर तत्व अधिक मात्रा में होना गर्म पानी का कारण है।


चर्म रोगियों के लिए फायदेमंद है यहां का पानी:


इस कुंड का पानी इतना गर्म होता है कि पर्यटक लोग इसमें आलू और चावल भी पका लेते हैं तथा पिकनिक का आनंद उठाते हैं, यहां नहाने आने वाले लोगों का मानना है कि चर्म रोग (Skin Disease) से पीड़ित जो व्यक्ति तातापानी के गर्म कुंड में नहा लेता है, उसे चर्म रोग से राहत मिलती है, चर्म रोगियों के लिए यहां का पानी फायदेमंद हैं इस कारण भारत के अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग यहां के पानी में नहाने आते हैं।


मान्यताएं, भगवान श्रीराम ने चलाया बाण तो धरती से निकला गर्म पानी:


इन दुर्लभ जल कुंडो को देखने के लिए वर्ष भर हजारों पर्यटक आते रहते हैं, स्थानीय बुजुर्गों का मानना है कि त्रेता युग समय में श्री राम भगवान का वनवास हुआ था, तब यहां वनवास काटने आए थे तातापानी से दिखने वाली ऊंची रामचौरा पहाड़ी के से भगवान श्रीराम ने बाण चलाया तो वह बाण जहां गिरा वहां से स्वत: गर्म पानी निकलने लगा तब से अबतक इस स्थान पर अनवरत गर्म पानी निकल रहा है।


विकसित हो रहा तातापानी प्रतिदिन पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु पर्यटक:


वर्तमान में यह प्राचीन धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल विकसित हो रहा है प्रतिदिन यहां हजारों कि संख्या में पर्यटक श्रद्धालु पहुंचते हैं।


मकरसंक्रांति के अवसर पर प्रतिवर्ष लगता है भव्य मेला:


प्रतिवर्ष मकरसंक्रांति के अवसर पर यहां भव्य मेला का आयोजन होता है छत्तीसगढ़ झारखंड उत्तरप्रदेश मध्यप्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों से लाखों की संख्या में यहां के रहस्य को देखने समझने और घुमने आते हैं।


तातापानी कैसे जायें

निकटतम हवाई अड्डा – स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा रायपुर और  बिरसा मुंडा हवाई अड्डे, रांची, झारखंड।

निकटतम रेलवे स्टेशन –  गढ़वा रोड रेलवे स्टेशन से 75 किमी और अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से 95 किमी दूर है सड़क मार्ग –तातपानी अंबिकापुर-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग 343 पर बलरामपुर जिले में स्थित है।