संयोजक रजा यूनीटि फाउंडेशन रामानुजगंज ने राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी रामानुजगंज को ज्ञापन सौंपा

संयोजक रजा यूनीटि फाउंडेशन रामानुजगंज ने राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी रामानुजगंज को ज्ञापन सौंपा

संयोजक रजा यूनीटि फाउंडेशन रामानुजगंज ने राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी रामानुजगंज को ज्ञापन सौंपा


रोहित यादव/बलरामपुर:-  संयोजक रजा यूनीटि फाउंडेशन रामानुजगंज जिला बलरामपुर रामानुजगंज छत्तीसगढ़ द्वारा पूर्वोत्तर भारत के शांतिप्रिय राज्य त्रिपुरा में एवं देश के विभिन्न हिस्सों में असंवैधानिक कृत्य करने वाले देशद्रोहियों को सजा दिलाए जाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया।

उपयुक्त विषय अंतर्गत लेख है कि धार्मिक उन्माद फैला कर देश में भाईचारा अमन एवं शांति को गहरा आघात करने वाले संगठित गिरोह बनकर विभाजन की राजनीति बनाकर काम कर रहे हैं। जिसमें कौमी एकता के साथ-साथ संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ लगातार प्रसास जारी है। देश भर में हिंदू मुसलमान के बीच नफरत भारी बयानों से माहौल बिगड़ रहा है। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में और शांतिप्रिय पूर्वोत्तर भारत त्रिपुरा राज्य भी इन जद में आ गया है। असामाजिक तत्वों में पैगंबर मोहम्मद की शान में गुस्ताख़ी और अपमानित करने वाले टिप्पणी की है। त्रिपुरा पुलिस का भी रोल एक समुदाय विशेष के प्रति असहयोग दबंगईयों का सत साहेब करने वाले रहे हैं। जो सरकार के कार्य और कानून व्यवस्था के प्रति दोहरी चरित्र का दर्शाती है। इस घटना से हम सभी अमन चैन शांति पसंद लोगों घोर निराशा में डाल दिया है। देश के अल्पसंख्यक समुदाय चाहे मुस्लिम हो क्रिश्चियन हो लिंगयत हो या फिर बौद्ध या सिख समुदाय के हो  या किसी ना किसी प्रकार से इन्हें मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ता है जबकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 से लेकर 30 तक का धर्म का स्वतंत्रता का अधिकार मौलिक अधिकार मना गया है। लेकिन इन मौलिक अधिकार का लगातान हनन एवं उलंघन किया जा रहा है। हम सभी संवैधानिक भारत के निवासी हैं। और सविधान में समान स्वतंत्रता और बंधुत्व हमारी मूल्य भावना है।

इसके अतिरिक्त हाल में ही वसीम रिजवी और यतिनरसिंनदन सरस्वती के द्वारा अल्लाह के आखरी पैगंबर साहब पर आधारित नामी किताब छाप कर समूचे देश विदेश के मुस्लिम समुदाय के लोग को आघात पहुंचाने पैगंबर मोहम्मद साहब की शान में मनगढ़नत कहानी गढ़ कर तकलीफ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। जिससे पूरे मुस्लिम समुदाय के लोगों में बेचैनी का सबब बन गया है। जिनके विरोध कार्यवाही करते हुए तथा कथित किताब को तत्काल प्रभावशुन्य करते अमन, चैन एवं शांति के लिए बैन कराया जाना उचित एवं आवश्यक हो गया है ‌। राष्ट्रपति महोदय जिसे आग्रह है कि इस तरह के वारदात को अंजाम देने वाले व्यक्तियों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की कृपया की जाए संविधान की रक्षा करने प्रत्येक भारतीय नागरिक का नैतिक एवं मौलिक कर्तव्य होना चाहिए हम स्थानीय समाधान के लिए भी कटिबद्ध हैं और अपेक्षा के साथ  उम्मीद करते हैं कि संविधान का पालन करने की जिम्मेदारी संवैधानिक पदों पर बैठे सर्वोच्च पद पर राष्ट्रपति महोदय जी को प्रथम कर्तव्य है। हम हर संभव सहयोग करेंगे।