इंटक कांग्रेस जिला अध्यक्ष शशांक चौबे ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल और डीजल लगातार बढ़ते दामों पर निशाना साधा है.

इंटक कांग्रेस जिला अध्यक्ष शशांक चौबे ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल और डीजल लगातार बढ़ते दामों पर निशाना साधा है.

इंटक कांग्रेस जिला अध्यक्ष शशांक चौबे ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल और डीजल लगातार बढ़ते दामों पर निशाना साधा है.

 गरियाबंद-चौबे ने कहा कि पेट्रोल-डीजल-रसोई गैस के खेल को ध्यान से समझना होगा. उन्होंने बताया कि एक ओर अंतर्राष्ट्रीय बाजार क्रूड ऑयल के दाम कम होते जा रहे हैं. वहीं केंद्र में शासित भाजपा सरकार petrol व डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी कर रही है. अब तो पेट्रोल व डीजल के दाम देश में शीर्ष पर पहुंच गए हैं. इसकी वजह से महंगाई चरम पर पहुंच गई है.चौबे ने तेल की कीमतों पर कांग्रेस सरकार और भाजपा की मोदी सरकार की तुलना भी की. उन्होंने बताया कि 26 मई 2014 को जब भाजपा ने केंद्र में सत्ता संभाली थी, तब भारत की तेल कंपनियों को कच्चा तेल 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था, जबकि पेट्रोल-डीजल और एलपीजी मई 2014 में दिल्ली में पेट्रोल 71.51 रुपये प्रति लीटर, डीजल 57.28 रुपये प्रति लीटर तथा एलपीजी 414 रुपये प्रति सिलेंडर पर उपलब्ध था.

चौबे ने कहा कि 22 जनवरी 2021 को कच्चे तेल का अंतर्राष्ट्रीय भाव 55.52 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रही, परंतु दिल्ली में पेट्रोल के दाम आज तक के सबसे ज्यादा रिकार्ड 85.70 रुपये, डीजल के दाम 75.88 रुपये और रसोई गैस का घरेलु सिलेंडर 694 रुपये हो गया है.चौबे ने एक्साइज शुल्क को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक्साइज शुल्क से करीब 19 लाख करोड रुपए कमाए हैं. भाजपा सरकार द्वारा पिछले 6 सालों में पेट्रोल पर एक्साईज़ शुल्क में 23.78 रुपये प्रति लीटर एवं डीजल पर 28.37 रुपये प्रति लीटर की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी की गई है.

पेट्रोल पर एक्साइज शुल्क में 258 प्रतिशत वृद्धि तथा डीज़ल के एक्साइज शुल्क में 820 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे इन 6 सालों में केंद्र सरकार ने पेट्रोल एवं डीज़ल पर एक्साइज शुल्क से लगभग 20 लाख करोड़ यानी 200 खरब रुपया कमाया है.

एलपीजी गैस पर सब्सिडी खत्म करने के मामले पर कांग्रेस नेता चौबे ने कहा कि मोदी सरकार ने तो एलपीजी गैस सिलेंडरों के दाम बढ़ाकर और सब्सिडी घटाकर महिलाओं का रसोई का बजट ही बिगाड़ दिया है. वहीं, कांग्रेस सरकार में बिना सब्सिडी गैस का सिलेंडर मात्र ₹414 में उपलब्ध होता था.

हैरान करने वाली बात यह है कि आज भारत में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत ₹694 हो गई है. वहीं, सब्सिडी की कीमत भी करीब-करीब खत्म कर दी गई है. आज लोग महंगाई से जूझ रहे हैं. बावजूद इसके केंद्र सरकार की कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज शुल्क वापस करें. इससे पेट्रोल 85.70 रुपये की बजाय 61.92 रुपये और डीजल

75.88 रुपये की बजाय 47.51 रुपये हो सकता है. मोदी सरकार पेट्रोल एवं डीजल पर एक्साइज शुल्क में 23.78 रुपये प्रति लीटर और 28.37 रुपये प्रति लीटर वापिस करे.

 चौबे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आखिरकार एक्साइज ड्यूटी के रूप में प्राप्त हुए 20 लाख करोड रुपए कहां गए? आज सेना के जवान और सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) में कटौती हो रही है. वहीं, छोटा कारोबारी परेशान हो रहा है. किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं. देश में बेरोजगारी की सीमा चरम पर पहुंच गई है. लेकिन मोदी सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए जनता की जेब पर लगातार डाका डाल रही है.