डब्लू एच ओ के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर करोड़ो की ठगी करने वाला चढ़ा उरगा पुलिस के हत्थे

डब्लू एच ओ के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर करोड़ो की ठगी करने वाला चढ़ा उरगा पुलिस के हत्थे

बिलासपुर, कोरबा। कुछ साल पहले नेहरू नगर के साई मंदिर चौक के पास एक दो कमरे का मेडिकल कॉलेज खोला गया था, और यह काफी समय से संचालित हो रहा था। इस दो कमरे के मेडिकल कॉलेज के नीचे एक मारुति वैन का एम्बुलेंस खड़ा रहता था। यह दो कमरे का मेडिकल कॉलेज संचालित होने से लोगो मे डिग्री लेने की होड़ लग गई । इस संस्था के कर्ता धर्ता सब बाहरी थे। बाहर बाकायदा श्री हॉस्पिटल नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल बिलासपुर का एक बोर्ड भी लगा था। मेडिकल कॉलेज का बोर्ड देखकर स्टूडेंट और उनके अभिभावक एड्मिशन के लिए आते थे, औऱ फीस के नाम से इस फ़र्ज़ी मेडिकल कॉलेज में लाखों  लुटाकर जाते थे। इस फ़र्ज़ी मेडिकल कॉलेज के पास नेहरूनगर बिलासपुर के एक प्रभावशाली पार्षद का मकान भी है। परंतु उन्होंने कभी यह पता नही लगाया कि क्या दो कमरे में कभी मेडिकल कॉलेज का संचालन हो सकता है ? जब लोगो को ठगने का एहसास हुआ तो उन्होंने उन संचालको से एम बी बी एस का प्रथम सोपान एनाटॉमी , फिजियोलॉजी और बायो कैमेस्ट्री के विषय में पूछा तो संचालको के हालत खराब हो गए। तब इसकी शिकायत पुलिस को दी गई। तत्कालीन एस पी ने मामले को क्राइम ब्रांच को रेफर किया। परंतु तत्कालीन क्राइम ब्रांच के तेज तर्रार स्टाफ इस फ़र्ज़ी मेडिकल कॉलेज के संचालको को पकड़ने के बजाए उन्हें चलता कर दिया। इसके बाद यही श्री हॉस्पिटल नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल कॉलेज के नाम से चाम्पा, जांजगीर, रायगढ़, मनेन्द्रगढ़, चिरिमिरी में भी स्टुडेंट के साथ लाखो की ठगी की। लेकिन आज ये कोरबा जिले के पुलिस के इन्वेस्टीगेशन रेंज में आ गए। एड एस पी उदय किरण और उरगा थाने के टी आई लखन लाल पटेल के सयुक्त प्रयास से इस फ़र्ज़ी मेडिकल कॉलेज के संचालक कृष्णा पटेल को गिरफ्तार कर इनके खिलाफ भा द वी की धारा  420, 409, 120 वी के तहत एक्शन ली। इनके दो साथी वासुदेव गुप्ता और चंद्रशेखर पांडे फरार है। गिरफ्तार कृष्णा पटेल ने डब्लू एच ओ का फ़र्ज़ी बेबसाइट बनाकर लाखो रुपए की ठगी करने की बात स्वीकार की। अभी उरगा पुलिस इनसे दूसरे जगहों की ठगी की भी जानकारी प्राप्त कर रही है।