पावन धरा धाम संतों की नगरी में कृष्णा जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया

 पावन धरा धाम संतों की नगरी में कृष्णा जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया

हरदी पावन धरा धाम संतों की नगरी में कृष्णा जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया


छुरा-ग्राम पंचायत हरदी में बड़ी ही धूम धाम से कृष्ण जन्माष्टमी मनाया गया जो देखने योग्य खुशनुमा वातावरण था। हिंदुओं के इस त्यौहार का जश्न पूरे भारत में देखने योग्य होता है हर तरफ लोग भगवान श्री कृष्ण के रंग में रंगे होते हैं इस साल कृष्ण जन्माष्टमी सोमवार को मनाया गया इस दिन धरा धरा के पकवान बनाए जाते हैं जिसका भोग श्री कृष्ण को लगाया जाता है श्री कृष्ण जन्माष्टमी का यह त्यौहार हिंदुओं मान्यताओं के मुताबिक बहुत अहम माना जाता है इस त्यौहार के बारे में मान्यता है इस दिन विष्णु भगवान ने श्री कृष्ण के रूप में धरती पर जन्म लिया था इस दिन मध्यरात्रि में जन्म के बाद भगवान कृष्ण को नयी वस्त्र पहनाए जाते हैं और 56 भोग का प्रसाद लगाया जाता है। कृष्ण का जन्म यानी अपने मामा को मारने के लिए हुआ था कल पूरे मथुरा पर शासन करता था कंस ने श्री कृष्ण को जन्म देने वाली मां देवकी और पिता वासुदेव को जेल में कैद कर रखा गया था देखी ने श्रीकृष्ण को जेल में ही जन्म दिया था रिश्ते से देवकी कंस की सगी बहन थी लेकिन एक बार कंस को लेकर आकाशवाणी हुई थी कि देवकी और वसुदेव का आठवां बेटा कंस कुमार है यहां कल बहुत ही अत्याचारी था वह खुद को भगवान बताता था लेकिन इस भविष्यवाणी को सुनने के बाद कंस ने अपनी बहन देवकी और वासुदेव को जेल में कैद कर लिया था इसके बाद कंस ने देवकी की एक-एक करके सभी पुत्रों को जन्म होते ही मार डालता था फिर जब दोनों की आठवीं संतान कृष्ण का जन्म हुआ तो वासुदेव ने बच्चे को बचाने के लिए कई प्रयत्न किए भारी बारिश और कड़कड़ाती बिजली के बीच वासुदेव कृष्ण को बचाते हुए वृंदावन पहुंचे जहां वासुदेव ने कृष्ण को नंद और यशोदा को सौंप दिया इसके इसके बाद जब वासुदेव वापस आए तब उन्होंने कंस के हाथ में एक लकड़ी को सौंप दिया भविष्यवाणी के डर से उस बच्ची को भी मारने की कोशिश की लेकिन उसी समय बच्ची ने दुर्गा का रूप ले लिया साथ ही एक अंश को चेतावनी भी दी कि उसकी मृत्यु नहीं अब निकट है। कृष्णा ने मथुरा में आकर कंस का वध किया।कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरपंच संतु राम ध्रुव, अध्यक्षता श्याम सुंदर यादव, विशेष अतिथि चेतन यादव, प्रकाश यादव, जीवन तारक, डॉ संतोष तारक,एवं मंचासीन शिवदयाल कंवर, नारद राम, थानू राम तारक, बंटी, प्रमिला, कमल ,वेद बाई,नंद राम,शैल बाई, बिरसिंग, भरत साहू समाजसेवक,जानकी बाई,लिखन कंवर, गजरु, प्रताप, सेवन, मन्थिर, गुलाब,सर्व यादव समाज सदस्यगण चोवराम, अशोक,पुराणिक, ताराचंद, कृष्णा, तेजराम, सेवाराम, सीताराम, होरीलाल, केशव, युवा सदस्य यादव समाज चमन, मानिक,गोलू,लोकेश्वर,नागेंद्र,शिवा हेम सिंह ,छोटू, देवराज,टायर, प्रेमलाल,घनश्याम वेद राम, संतोष रुपेश ,गैंदलाल, प्रीतम डिगेंद्र, सोम, शीतल, सूरज, चंद्रहास ,देव ,शेखर, कन्हैया, केदार ,लखन एवं समस्त ग्राम वासी उपस्थित थे।कार्यक्रम का मंच संचालन लखन तिवारी ने किया।