किसान,मजदूरों का ना हो प्रताड़ना....।बिजली विभाग और बैंक प्रबंधक के रवैये से नाराज लोगों ने भरी बरसात में हजारों की संख्या में भरा हुंकार,कहा जल्द खुले स्टैटबैंक अन्यथा.....पढिये पूरी खबर।*

किसान,मजदूरों का ना हो प्रताड़ना....।बिजली विभाग और बैंक प्रबंधक के रवैये से नाराज लोगों ने भरी बरसात में हजारों की संख्या में भरा हुंकार,कहा जल्द खुले स्टैटबैंक अन्यथा.....पढिये पूरी खबर।*

*किसान,मजदूरों का ना हो प्रताड़ना....।बिजली विभाग और बैंक प्रबंधक के रवैये से नाराज लोगों ने भरी बरसात में हजारों की संख्या में भरा हुंकार,कहा जल्द खुले स्टैटबैंक अन्यथा.....पढिये पूरी खबर।*



सन्ना/जशपुरनगर। जनजाति सुरक्षा मंच के द्वारा सन्ना मुख्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन और रैली का आयोजन स्थानीय समस्याओं को लेकर शनिवार को किया गया। सभा को  सम्बोधित करते हुए मंच के राष्ट्रीय अगुआ गणेश राम भगत ने शासन, प्रशासन पर जमकर आक्रोश व्यक्त किया। श्री भगत ने कहा बिजली समस्या पर कहा कि मीटर 5 साल से बंद है, बिजली कटा हुआ है और फिर भी बिजली बिल आ रहा है। यह सरकार गरीबों को कुचलने वाली सरकार है। ऐसी बिजली बिल नहीं देंगे। हमारा बाप एक लाख नहीं देखा है, हम कहाँ से देंगे। कौन दलाल है जो बिजली बिल बनाता है।

प्रशासन को आड़े हाथ लेते हुए भगत ने कहा कि अफसरों का काम खाली तनख्वा खाना नहीं बल्कि गरीबों का काम करना है। मैं जिला प्रशासन को कहना चाहता हूं कि मिर्च प्रोसेसिंग यूनिट को किस दलाल को दिए हैं। हम बहुत बर्दाश्त किये हैं। हम डंडा लेकर ऐसे दलालों और अफसरों का हवा पानी बन्द कर देंगे जो जनता का काम नहीं करते हैं। जब जनता बिजली का झटका देगी तो रायपुर में बैठी सरकार नहीं रहेगी। एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान हो। नहीं हुआ तो हजार हजारों की संख्या में सन्ना में आएंगे और सबका हुका पानी बन्द करेंगे। 

सरकार को कहा कि पहाड़ी कोरवाओं का चावल खा रही है, ऐसी सरकार को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए, सरकार शर्म करो। गणेश राम भगत ने कहा कि रायपुर का रिमोर्ट कंट्रोल जिला प्रशासन को पंगु बनाकर रखा है। मंत्री अमरजीत भगत को लोभ आ गया। इतनी सुविधा के बाद भी पहाड़ी कोरवाओं का जमीन खरीद लिया। लेकिन जनजाति सुरक्षा मंच के पहल पर जमीन वापस करना पड़ा। कोरवाओं, गरीबों के जमीन को छिनने वाले दलालों को जेल भेजवाकर दम लेंगे। जनजाति सुरक्षा मंच के विधिक सलाहकार एंव सामाजिक कार्यकर्ता रामप्रकाश पांडे ने कहा की क्षेत्र की स्थिति इस हद तक खराब है कि ग्रामीणों बैंक में अपने ही पैसों को मांगने के लिए गिड़गिड़ाते हैं। जनजाति सुरक्षा मंच के आंदोलन के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना, लेकिन डॉ नहीं है, सुविधा नहीं।

डेम बह गया, 16 करोड़ का बांध बह गया। किसानों के फसल बर्बाद हुए। सरकारें गूंगी बहरी हो गई हैं, जिन्हें जगाने का काम मंच कर रहा है, जब तक मांग पूरी नहीं होगी आंदोलन करते रहेंगे। दिल्ली सरकार को भी हिलाने की ताकत रखते हैं। रामप्रकाश पांडे ने कहा कि गांव के गरीब किसानों की फसल को दलाल खा रहे हैं, जिन्हें भगाना होगा। उन्होंने कहा कि हम जनजातियों के अधिकार के लिए लड़ते रहेंगे।




जनजाति सुरक्षा मंच के सन्ना क्षेत्र के युवा नेता राकेश गुप्ता ने अपने संबोधन में जिला प्रशासन  के साथ साथ सांसद और विधायक पर काफी नाराजगी जाहिर किया।  सन्ना पाठ क्षेत्र में लागातार अत्याचार हो रहा है जिस तरीके से पूर्व में अत्याचार होता था उसमें कम तो हुआ है पर खत्म नही सका है।आज यहां के गरीब किसान मजदूरों को एक माह का बिजली बिल डेढ़ लाख रुपये तक दे कर उन्हें प्रताड़ित कर रही है।यहां एक मात्र ग्रामीण बैंक उसमें भी किसानों मजदूरों को परेशान किया जाता है।हमारे 65 लाख रुपये से बनाया गया किसानों के लिए मिर्च प्रोसेसिंग यूनिट की भवन को हरित क्रांति नामक एनजीओ संस्था को सौंप कर वहां गोरखधंधा कराती है।तत्काल किसान संगठन को भवन सौंप कर वहां हब की स्थापना करनी चाहिए। सांसद के आश्वासन पर निशाना साधते हुए कहा कि सन्ना में स्टैट बैंक और पंडरापाठ में ग्रामीण बैंक छः माह में खोलने की बात करके ग्रामीणों को झूठ ना बोलें आज डेढ़ साल बाद भी नही खोला गया अब सन्ना में भारतीय स्टैट बैंक की शाखा जल्द खोलना चाहिये और जो किसान मजदूरों को अनाप सनाप बिजली बिल दिया गया है वो तत्काल माफ होना चाहिए और बिलजी व्यवस्था ठीक करने की बात करते हुए ग्रामीण बैंक कर्मचारियों को भी सुधारने की बात कहते हुये क्षेत्र के समस्त समस्याओं को एक माह के अंदर अगर ठीक नही किया जाता है तो चक्काजाम जैसे उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

सभा को मंच के पदाधिकारी जिला पंचायत सदस्य लालदेव भगत, जनजाति सुरक्षा मंच के अध्यक्ष नयु राम भगत, चन्द्रदेव ग्वाला ने भी सम्बोधित किया।


जशपुर जिले के तहसील सन्ना में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आयोजित एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को मंच के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया।

यह है मांग:-  


 1. तहसील मुख्यालय सन्ना में एक मात्र ग्रामीण बैंक होने तथा उक्त बैंक में प्रतिदिन काफी भीड़ - भाड़ होने से किसानों को पैसा लेन - देन में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है इसलिए सन्ना तहसील मुख्यालय में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा खोले जाने हेतु आवश्यक पहल किया जाए । 

2. क्षेत्र के गरीब किसानों को पिछले कई महीनों से लगातार अनाप - शनाप बिजली बिल दिया जाकर बिजली विभाग के द्वारा मनमाने तरीके से गरीब किसानों को मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है इस हेतु क्षेत्र में बिजली विभाग के द्वारा बांटे गए बिजली बिल की समीक्षा करते हुए उक्त फर्जी बिजली बिल निरस्त किए जाने हेतु बिजली विभाग को निर्देशित किया जाए।


3. जशपुर जिले के सन्ना क्षेत्र में किसानों के द्वारा मिर्च की खेती अधिक मात्रा में की जाती है। इस हेतु क्षेत्र में मिर्ची प्रोसेसिंग युनिट को तत्काल शुरू किए जाने का निर्देश।

4. वर्ष 2020-2021 में सन्ना क्षेत्र में अधिक ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसानु झेलना पड़ा किन्तु जिला प्रशासन के द्वारा उक्त पीडित किसानों को आज तक उन्हें हुई क्षति का कोई मुआवजा प्रदान नहीं किया गया है। जिसके कारण किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा तत्काल दिए जाने हेतु आवश्यक निर्देश दिया जाए । 

5. वर्ष 2019 के खरीफ फसल के समय बीज विकास निगम ( आदिम जाति सहकारी समिति मर्यादित ) के द्वारा अमानक एवं घटिया धान बीज वितरण किया गया था, जिसके कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। इसकी शिकायत कलेक्टर जशपुर को की गई थी किन्तु उक्त संबंध में आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं किए जाने तथा उक्त अमानक एवं घटिया बीज से किसानों को हुए नुकसान की क्षतिपुर्ति तत्काल की जाए।

 6. तहसील मुख्यालय सन्ना में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में महिला रोग विशेषज्ञ की पदस्थापना नहीं होने से क्षेत्र की महिलाओं को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कारणवश सन्ना अस्पताल में तत्काल महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की पदस्थापना किया जाए दिया जाये ।