नौकरी लगवाने का झांसा देकर तीन लाख की ठगी करने वाली एनजीओ संचालिका को कुंसमुंडा पुलिस ने किया धेराबंदी कर किया गिरफ्तार

नौकरी लगवाने का झांसा देकर तीन लाख की ठगी करने वाली एनजीओ संचालिका को कुंसमुंडा पुलिस ने किया धेराबंदी कर किया गिरफ्तार

*नौकरी लगवाने का झांसा देकर तीन लाख की ठगी करने वाली एनजीओ संचालिका को कुंसमुंडा पुलिस ने किया धेराबंदी कर किया गिरफ्तार*

दीपक शर्मा/कोरबा/कुंसमुंडा:-* एसईसीएल में कार्यरत एक महिला कर्मी को परिचित कर्मचारी की पुत्री के द्वारा नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगने वाली एनजीओ संचालिका को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला कर्मी के बच्चों और दामाद को नौकरी लगवाने के एवज में 3 लाख रुपये ठग लिए गए थे।


एसईसीएल की कुसमुंडा परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में रेहाना परवीन यासिनी पति स्व. सैय्यद महमूद अली निवासी आरएम-04 रेस्क्यू कालोनी नेहरूनगर कार्यरत है। उसका एक पुत्र शाहिद और पुत्री जीनत है और दोनों ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर ली है। रेहाना के आवास क्षेत्र में सुमन सारथी परिचित है जो साथ में ही नौकरी करता है। सुमन सारथी से जान-पहचान होने के कारण उसकी बेटी तरूणी सारथी पति अरमान खान निवासी विवेकानंद नगर फेस-1 मोपका बिलासपुर से भी पहचान बढ़ गई थी और वह रेहाना के घर आना-जाना भी करती थी। इस दौरान तरूणी ने बिलासपुर में एनजीओ का संचालन करने और बड़े अधिकारियों, मंत्रालय तथा शासकीय विभागों में जान-पहचान का रौब दिखाकर रेहाना के दोनों बच्चों को सीधे शासकीय नौकरी रेलवे या एसईसीएल में लगवाने की बात कही। इसके एवज में रुपए लगने की भी जानकारी दी। तरूणी की बातों में आकर और बच्चों का भविष्य बनाने के मद्देनजर रेहाना ने 29 मई 2020 से लेकर बीच-बीच में कुल 2 लाख रुपए तरूणी के खाता में जमा कराया। इसके बाद न तो नौकरी लगवाई और न ही रुपए वापस कर रही है। फोन भी उठाना बंद कर दिया है और बातचीत करने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही है। रेहाना की रिपोर्ट पर कुसमुंडा पुलिस ने तरूणी सारथी के विरूद्ध धारा 420 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

प्रार्थिया रेहाना के दामाद से भी महिला द्वारा नौकरी लगाने के नाम पर 1 लाख रूपये की ठगी की गई है। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी कुसमुण्डा निरीक्षक लीलाधर राठौर के नेतृत्व में आरोपी की गिरफ्तारी हेतु थाना कुसमुण्डा से विशेष टीम गठित किया गया। तरूणी सारथी अपने मोबाईल को बंद कर बिलासपुर में जगह बदल-बदल कर लुक-छिप रही थी, जिसे उसके मिलने के संभावित स्थानों पर मुखबिर तैनात कर पतासाजी के दौरान मोपका क्षेत्र में घेराबंदी कर पकड़ा गया। उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

उपरोक्त कार्यवाही में थाना कुसमुण्डा पुलिस टीम से निरीक्षक लीलाधर राठौर, महिला प्रधान आरक्षक जलवेश कंवर, ईश्वरी लहरे, राजनारायण सिंह, आरक्षक पुष्पेन्द्र पटेल, संजय सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।