किसान महापंचायत में राकेश टिकैत की एक झलक पाने उमड़ा जन सैलाब न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी कानून लेकर ही दम लेंगे:- शत्रुहन साहू

किसान महापंचायत में राकेश टिकैत की एक झलक पाने  उमड़ा जन सैलाब न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी कानून लेकर ही दम लेंगे:- शत्रुहन साहू

किसान महापंचायत में राकेश टिकैत की एक झलक पाने  उमड़ा जन सैलाब न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी कानून लेकर ही दम लेंगे:- शत्रुहन साहू




धनेश्वर बंटी सिन्हा/धमतरी: -छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ से संबद्ध खेती बचाओ आंदोलन समिति धमतरी छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में देश के हृदय स्थल छत्तीसगढ़ राजिम में आयोजित  ” किसान महापंचायत” में राकेश टिकैत की एक झलक पाने किसानों का जन सैलाब उमड़ पड़ा इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत,योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर, बलवीर सिंह राजेवाल, बलदेव सिंह सिरसा , युद्धवीर सिंह, राजाराम त्रिपाठी समेत कई दिग्गज किसान नेता  शिरकत कर अपने उद्बोधन में कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी कानून एवं तीनों कृषि कानून की वापसी की मांग को लेकर दिल्ली के बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन सदी का सबसे लंबा और ऐतहासिक आंदोलन है जो  देश ही नहीं अपितु पूरे विश्व का ध्यान किसानों की ओर आकर्षित किया है , जिसमे खेती बचाओ आंदोलन समिति के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन साहू के नेतृत्व में धमतरी जिला से भी 100 पिकअप एवं अन्य वाहनों से 5000 पांच हजार से भी अधिक किसान इस महापंचायत में शामिल हुए |जीतेंगे या मरेंगे, बिल वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं के नारे के साथ चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के अनाज को उद्योगपतियों के तिजोरी में बंद नहीं होने देंगे यह आंदोलन पूरे देश के किसान मजदूर नौजवानों का है वर्तमान केंद्र की तानाशाही मोदी सरकार कारपोरेट घराने के इशारे पर किसानों और जवानों को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं देश के सभी सार्वजनिक क्षेत्रों को कारपोरेट के हवाले कर देश के युवाओं को बेरोजगार कर दिया है तो वही किसान विरोधी दमनकारी कानून लाकर किसानों को गुलाम बनाने का षड्यंत्र कर रही है यह आंदोलन ऐसे दमनकारी सरकार और कानून के खिलाफ है यदि सरकार किसानों की बात नहीं सुनेंगे तो ऐसे सरकार को गद्दी से उतार दिया जाएगा  खेती बचाओ आंदोलन समिति के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन साहू ने कहा कि यूं तो छत्तीसगढ के धमतरी में पिछले एक साल से खेती बचाओ आंदोलन समिति धमतरी के बैनर तले तीनों कृषि कानूनों” के विरोध एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी कानून की मांग सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अनवरत आंदोलन जारी है छत्तीसगढ़ में  इस पहली किसान महापंचायत के आयोजन के निर्णायक सूत्र भी धमतरी से ही जुड़े हुए है पहले किसान महापंचायत 28 मई को धमतरी में करने की तैयारी थी, किंतु कोरोना महामारी से पूरे प्रदेश में संपूर्ण लॉकडाउन हो जाने के कारण उसे निरस्त करना पड़ा जो अब 28 सितम्बर को छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के किसान नेताओं के संयुक्त विचार पर अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम में रखा गया है किसान महापंचायत को सफल बनाने में धमतरी जिला के खेती बचाओ आंदोलन समिति के टिकेश्वर साहू, राम विशाल साहू, निशांत भट्ट, भुनेश्वर साहू मनोज भतपहरी, दिग्विजय सिंह, टिकेश्वर सिन्हा, हिरख़ साहू, भिखारी राम साहू, पुनीत साहू, पालेश्वर साहू, चैन सिंग साहू, मित्रभान  सिन्हा, अनिल साहू, भीखम साहू, निहाल सिंह, प्रेमलाल साहू, किशन चांद, चेतन साखरे दाऊलाल साहू मिलाप साहू तारेंद्र साहू के साथ काफी संख्या में लोग पहुचे ।