आजाद भारत में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, नाला के पानी पीने के लिए मजबूर ग्रामीण

आजाद भारत में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, नाला के पानी पीने के लिए मजबूर ग्रामीण

आजाद भारत में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, नाला के पानी पीने के लिए मजबूर ग्रामीण



बलरामपुर :-जिले के शंकरगढ़ ब्लाक अंतर्गत ग्राम कोठली के भालूपानी गांव अभी तक विकास से कोसो दूर है।   कहने को तो सरकार सैकड़ो  योजनाओं का क्रियान्वयन करती है लेकिन जमीनी हकीकत यहां पहुंचने के बाद पता चलती है। यहां सरकारी योजनाएं भी नहीं पहुंच पाती। गांव में पेयजल की कोई व्यवस्था है और न ही चिकित्सा व्यवस्था। यहां तक कि गांव में जाने के लिए सुगम मार्ग तक नहीं है। बता दें कि संजीवनी एक्सप्रेस(108) वाहन भी नहीं पहुंच पाती है। चारों ओर जंगलों से घिरे होने के कारण वहां के ग्रामीणों को हमेशा जंगली जानवर  जहरीले सांप बिच्छुओ  से डर बना रहता है। लोग बदहाली में जी रहे ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं के लिए कई बार जनप्रतिनिधि से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिला है।  पेयजल के लिए एक ढोढ़ी तो बना है लेकिन  वह भी महज 8महीना में ही जर्जर हो चूका है। जिसके कारण  आज भी ग्रामीण नाला के पानी पीने को मजबूर हैं। भालूपानी में धाजापाठ, पाटागड़सा 2मोहल्ला है जिसमे 1भी हैंडपंप नहीं है जबकि दोनों तीनों मोहल्ला मिला कर लगभग  500 से अधिक आबादी है। ग्रामीणों की समस्याएं यहीं खत्म नहीं होती है  राशन लाने के लिए आज भी पुराने जमाने की तरह घोड़े की सवारी कर लाना पड़ता है।  



वहीं ग्रामीणों ने बताया  एक बार विधायक जी आए थे व बोले थे कि बरसात भर में 2 पुलिया  बनवा देंगे व बरसात के बाद सड़क बनवा देंगे लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुवा है।  


6 किलोमीटर दूर से राशन लाना पड़ता है कभी - कभी 2दिन तक रुक कर लाते है। 

 

बाकि गांव में पहाड़ी कोरवा लोग को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास  मिलता है लेकिन यहां  नहीं मिला है।