मौसमी जनित बीमारी का बढ़ा प्रकोप, चिकित्सालय में मरीजों की बढ़ रही संख्या, चिकित्सक दे रहे पानी उबालकर सेवन करने की सलाह

मौसमी जनित बीमारी का बढ़ा प्रकोप, चिकित्सालय में मरीजों की बढ़ रही संख्या, चिकित्सक दे रहे पानी उबालकर सेवन करने की सलाह

मौसमी जनित बीमारी का बढ़ा प्रकोप, चिकित्सालय में मरीजों की बढ़ रही संख्या, चिकित्सक दे रहे पानी उबालकर सेवन करने की सलाह


दीपक शर्मा/कोरबा/पाली:- वर्तमान मौसम बारिश का चल रहा है। जहाँ बरसात के इस मौसम में मौसमी जनित संक्रमण बीमारी के प्रकोप से ग्रसित मरीजों की संख्या शासकीय, निजी चिकित्सालय में बढ़ रही है। जहां सर्दी, खांसी व बुखार से पीड़ित मरीज अधिकतर देखने को मिल रहे है। पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी मौसमी जनित बीमारी का उपचार कराने स्थानीय एवं आसपास ग्रामीण क्षेत्र के मरीज रोजाना पहुँच रहे है। अगस्त के इस महीने में बरसाती पानी के फलस्वरूप ही सर्दी, खांसी, जुकाम तथा बुखार के संक्रमण वायरल हो रहे है। ऐसे में ज्यादातर लोग इस वायरल की चपेट में आकर उक्त बीमारी से ग्रसित हो रहे है। इस संबंध पर खंड चिकित्साधिकारी पाली डॉ. सीएल रात्रे ने बताया कि मौसमी बीमारियों के मूल कारकों पर ध्यान दिया जाए तो इन संक्रमण से बचा जा सकता है। जैसा कि वर्तमान मौसम में संक्रमण की स्थिति पैदा होकर वायरल की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में साफ़ सफाई के साथ गरम पानी का सेवन किया जाना वायरल संक्रमण को कम करने के साथ बचाव का उपाय है। क्योंकि संक्रमण की स्थिति पैदा एवं वायरल का समय आते ही यदि पानी को उबालकर सेवन किया जाए तो इस मौसम में होने वाली सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के साथ उल्टी-दस्त जैसी मौसमी बीमारियां फैलने की संभावना लगभग ना के बराबर हो जाती है। क्योंकि गरम पानी पीने से संक्रमण के ज़्यादातर विषाणुओं का नाश हो जाता है। फिलहाल वायरल फीवर से ग्रसित होकर पाली सीएचसी पहुँचने वाले ऐसे मरीजों का चिकित्सकों द्वारा उचित उपचार के साथ पानी उबालकर सेवन करने की सलाह भी दी जा रही है।