*विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर वृक्षारोपण एवं तालाब सफाई कार्य किया गया

*विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर वृक्षारोपण एवं तालाब सफाई कार्य किया गया

*विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर वृक्षारोपण एवं तालाब सफाई कार्य किया गया*

रिपोर्ट: तेजराम निर्मलकर मड़ेली

*मड़ेली -छुरा /*  विश्व पर्यावरण पर जनपद पंचायत छुरा अन्तर्गत ग्राम पंचायत मड़ेली में इस दिन पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्राम के विभिन्न स्थानाें पर पाैधाराेपण किए। इसके साथ ही मूड़ा तालाब पर सफाई अभियान चलाएं। जिसमें सरपंच, उपसरपंच सहित पंचगण ग्राम प्रमुखों ने तालाबों की सफाई किया । पर्यावरण दिवस पर किए जाने वाले पाैधाराेपण एवं सफाई काे लेकर ग्रामवासी  बेहद उत्सुक है। पंचायत प्रतिनिधि व ग्राम प्रमुख गांव के प्रमुख स्पाॅट पर पाैधाराेपण कर वहां हरिायली लाने की याेजना बना रहा है। 

विश्व पर्यावरण दिवस के पहले दिन पंचायत प्रतिनिधि व ग्राम प्रमुखों ने ग्राम के तालाबों का निरीक्षण के समय कहा की मुड़ा तालाब और नवा तालाब के मेड़ पर वृक्षारोपण कार्य उपयाेग कर पाैधा रोपण की सिंचाई व उनकी की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड की व्यवस्था करने की बात कही। तालाब सफाई तथा पाैधाराेपण कार्यक्रमाें में काेविड-19 के नियमाें का पूरी तरह पालन किया गया। 

   सरपंच लक्ष्मी ठाकुर, उपसरपंच भीखम सिंह ठाकुर, तथा पंचगण और ग्राम के प्रमुखों ने कहा कि ऐसे पाैधे लगाएं, जिससे पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलें।  राष्ट्र पिता महात्मा गांधी और संत गाडगे बाबा जी कहते थे कि हमारे देश की आत्मा गांवों में बसती है। अगर असल देश के दर्शन करने हों तो बस कहीं नहीं- गांवों में घूंमये। वैसे ये भी सही है कि भारत को छोड़ दुनिया में शायद कोई ऐसा देश होगा, जहां इतनी प्रचुर संख्या में गांव होंगे और जो संस्कृति से लेकर कृषि और विविध संस्कृति की एक समृद्ध और रंग-बिरंगी तस्वीर पेश करते होंगे। आज भी गांवों की बात होती है तो वहां के हरे-भरे खेत शुद्ध आबोहवा और प्रकृति के साथ तालमेल की अलग ही मनोरम तस्वीर उभरती है।

            ईश्वर निर्मकर, गणेशराम साहू,माधव निर्मलकर, तेजराम निर्मलकर ने कहा ये तस्वीर अब और बेहतर हो रही है क्योंकि देश के गांवों में स्वच्छता के प्रति एक नई लहर उठने लगी है।  उन लोगों ने कहा निर्मलकर समाज में जन्में संत गाडगे बाबा जी (गोदड़ी वाले बाबा) स्वच्छता के जनक है, और  संत गाडगे बाबा जी ने पूरे देश का भ्रमण किया। तब उनके मन में एक सामाजिक आंदोलन भी जन्म ले रहा था। वह देश में गंदगी का आलम और जात-पात की बाधाओं को देखकर विचलित थे।वह जहां कहीं भी जाते थे तो स्वच्छता की अपील जरुर करते थे।बल्कि यूं कहिए कि खुद ही साफ़ सफाई करके लोगों को अहसास दिलाते थे कि हमारे रोजाना के जीवन में सफाई का कितना महत्व है। वह दिल से चाहते थे कि हमारे गांव, व शहर स्वच्छ हो। 




      जो काम संत गाडगे, और गांधी जी छोड़ गए थे, उसे पूरा करने का दायित्व श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बखूबी समझ रहीं हैं। इसलिए संत गाडगे और गांधी जी द्वारा परिकल्पित स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करना चाहतीं हैं। जिस दिन भारत के गांव स्वच्छ हो गए, यकीन मानिए कि अपना देश उसी दिन असली स्वच्छ भारत हो जाएगा। यही संत गाडगे बाबा एवं महात्मा गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।  

     भूषण ठाकुर,भंगीराम नेताम गजेन्द्र ठाकुर ने कहा संत गाडगे जी ने स्वच्छता के लिए युद्ध शुरू किया, और गांधी जी ने ब्रिटिश शासन से देश को आजाद कराने के लिए सत्याग्रह किया, तो हम सभी मिलकर गंदगी के खिलाफ एक युद्ध शुरू करने के लिए एक स्वच्छाग्रह शुरू करने का समय आ गया है। इस दौरान- लक्ष्मी गजेन्द्र ठाकुर(सरपंच), भीखम सिंह ठाकुर(उपसरपंच), पंचगण- दशोदा बाई सतनामी, उमेश नन्दे, उर्वसी सिन्हा,रुखमणी ध्रुव, तपेश्वर साहू, मनीषा माण्डले, रामचरण ठाकुर,रुखमणी ठाकुर,गौरी बाई ठाकुर, ईश्वर ठाकुर, यशवंत ध्रुव, यशोदा ठाकुर, सीमा निषाद एवं ग्राम प्रमुख उपस्थित रहे।