मुरमुरा में रखी महिलाएं हलषष्ठी का व्रत

मुरमुरा में रखी महिलाएं हलषष्ठी का व्रत

मुरमुरा में रखी महिलाएं हलषष्ठी का व्रत


 *पाण्डुका*:- समीस्पथ ग्राम मुरमुरा के माताओ ने कमरछठ का व्रत रखकर हलषष्ठी का  पूजन किया गया। उल्लेखनीय है कि इस व्रत को भाद्रमास कृष्ण पक्ष के षष्ठी को मनाया गया। इसे कमरछठ या हलषष्ठी के नाम से भी जाना जाता है। महिलाओं इस  दिन उपवास रहकर अपने पुत्र के मंगलकामनाएं व दीर्घायु का कामना किया गया। वही दोपहर को सामूहिक रूप से धार्मिक स्थल बजरंग चौक पर एकत्रित होकर वहां जल कुण्ड के रूप में दो गहरे गड्ढे गोदकर बेर, पलाश, आदी के टहनियों को गढाकर सुसज्जित कर नए - नए कपड़े पहनकर पूजा सामाग्री लेकर हलषष्ठी का कथा पंडित देवेन्द्र तिवारी द्वारा कथा का पात्र सुनकर हलषष्ठी का पूजन कार्यक्रम किया गया। वही पूजा स्थल के आने के बाद महिलाएं पसैर चावल का प्रसाद को दोना पत्तल से सबसे पहले गाय, कुत्ता, बिल्ली, चिड़िया आदी को दिया गया। इसके पश्चात स्वंय उपवास का प्रसाद ग्रहण किया गया। इस दिन कहा जाता है कि अपने पुत्र-पुत्री के मंगलकामनाएं के लिए उपवास रहकर यह हलषष्ठी का व्रत रखते है।