कोविड के बाद सांस लेने में तकलीफ, आक्सीजन लेबल 79 और 7 दिन वेंटिलेटर में रहे- फिर भी जीते कोरोना से जंग

कोविड के बाद सांस लेने में तकलीफ, आक्सीजन लेबल 79 और 7 दिन वेंटिलेटर में रहे- फिर भी जीते कोरोना से जंग

कोविड के बाद सांस लेने में तकलीफ, आक्सीजन लेबल 79 और 7 दिन वेंटिलेटर में रहे- फिर भी जीते कोरोना से जंग


डाक्टरों की मेहनत और मरीज की हिम्मत ने दी नई  जिंदगी


गरियाबंद-37 वर्षीय रवि साहू आज अपने घर में स्वस्थ है और खुश भी है। उन्हें लग रहा है कि फिर से एक नई जिंदगी मिली है ।कोविड-19 के पश्चात एक समय ऐसी स्थिति आ गई थी कि वह 7 दिनों तक वेंटिलेटर पर थे। बचने की उम्मीद कम ही थी, लेकिन डॉक्टरों की मेहनत और रवि की हिम्मत ने फिर से आस जगाया। धीरे धीरे उनका अक्सीजन लेवल बढ़ता गया और वेंटिलेटर हट गया, साथ ही तकलीफें भी कम होने लगी।


 जिले के विकाशखण्ड फिंगेश्वर् के  ग्राम बेलर निवासी रवि साहू आखिरकार कोरोना से जंग जीत गए । वे 25 अप्रेल को जिले के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल मे भर्ती हुए थे। उनके पिता श्री तायल साहू और वे स्वयं 03 दिन पूर्व  22 अप्रेल को कोविड पाजिटिव हुए थे, फिर पिता पुत्र एक साथ  03 दिनों से घर में होम आईसोलेसन के तहत उपचाररत थे, लेकिन इस दौरान पिता और पुत्र की तबीयत बिगड़ते गयी और उन्हे सांस लेने मे तकलीफ हुई, फिर दोनों को जिले के कोविड अस्पताल मे भर्ती कराया गया।

अस्पताल मे भर्ती के दौरान रवि  की स्थिति अच्छी नही थी, उनको सांस लेने में तकलीफ थी और उनका आक्सीजन लेवल 79% पहुँच चुका था, उन्हे तुरंत आई. सी. यू. में आक्सीजन की सहायता से रखा गया ,लेकिन  कोरोना  संक्रमण के कारण सांस लेने की तकलीफ लगातार बढ़ती जा रही थी, और आक्सीजन में रहने के बावजूद भी उनका आक्सीजन लेवल मे लगातार गिरावट आ रही थी ।।  शुरुआती जाँच के दौरान उनका ब्लड रिपोर्ट सामान्य नहीं था । उनकी स्थिति मे सुधार नहीं हो रहा था, फिर 02 दिवस उपरांत उन्हें वेंटिलेटर मशीन  पर लाया गया।  यह डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के प्रभारी डॉ जय कुमार पटेल (एम.डी.मेडिसिन)और डॉ नेमेश् साहू (एम.डी.मेडिसिन.)और उनकी टीम के सतत समुचित प्रयासो और रवि साहू के  दृढ़ मनोबल का ही नतीजा हैं कि वे सकुशल इस लडाई को जीत गए।वे 07 दिनों तक वेंटिलेटर सपोर्ट में थे, बावजूद इसके वहाँ डाक्टरों की टीम और समस्त स्टाफ, साथ ही साथ रवि ने भी अपना मनोबल बनाए रखा, हार नही मानी और इस गंभीर स्थिति से निकलते हुए, कोरोना को परास्त किया। 





07 दिनों बाद उन्हे पुनः वेंटिलेटर सपोर्ट से निकाला गया और वापस आक्सीजन में रखा गया, धीरे धीरे उनमे लगातार सुधार होता गया और वे अगले 06 दिनों मे आक्सीजन से पूर्ण रूप से बाहर हो गए और  जनरल वार्ड में शिफ्ट हुए। वे 12 मई को कोविड अस्पताल गरियाबंद सकुशल डिस्चार्ज हुए। यानी कुल 21 दिन के संघर्ष के बाद  स्वस्थ हुए। रवि के  पिता तायल साहू भी कोरोना संक्रमित हुए थे, और पिता पुत्र  दोनो को अस्पताल गरियाबंद मे भर्ती किया गया था, उनकी भी स्थिति उस समय सामान्य नहीं थी, और उन्हे भी आई. सी. यु. में आक्सीजन मे रखा गया था, लेकिन वह 11-12 दिनों के इलाज के उपरांत सफलतापूर्वक डिस्चार्ज हो गए।जिले के कोविड अस्पताल में डॉ जय कुमार पटेल और डॉ नेमेश् साहू के मार्गदर्शन मे मेडिकल ऑफिसर,स्टाफ नर्स ,अन्य पैरामेडिकल तथा हाउस कीपिंग  टीम द्वारा  निरन्तर उत्कट सेवा दिया जा रहा हैं, यहाँ अभी तक 1645 मरीज सफलतापूर्वक डिस्चार्ज होकर जा चुके हैं।  कलेक्टर निलेश क्षीरसागर  के मार्गदर्शन में और सी एम एच ओ डॉ नवरत्न व  डीपीएम डॉ रीना लक्ष्मी के  निगरानी में डेडिकेटेड कोविड अस्पताल गरियाबंद शुरू से ही अपने उत्कृष्ट कार्यो के कारण राज्य मे शीर्ष स्थान पर आते रहा हैं। हाल ही मे संपन्न प्रधानमंत्री संवाद कार्यक्रम में भी मेडिकल कालेजो को छोड़कर पूरे राज्य में एकलौता कोविड अस्पताल था जिन्हे शामिल किया गया था।