क्या अगला सीएम गरियाबंद जिले से ?

क्या अगला सीएम गरियाबंद जिले से ?

क्या अगला सीएम गरियाबंद जिले से ?



कुलेश्वर सिन्हा/ब्यूरो-लगातार पक्ष विपक्ष के  बड़े नेताओं का दौरा जिले में हो रहा है ।

वही अभी बीते 27 सितम्बर को फिंगेश्वर में पूर्व मुख्यमंत्री सीएम डा रमन सिंह पहुँचे थे जहां पर उन्होंने कांग्रेस सरकार को  कोसते नजर आये औऱ आदिवासी के विकास को ठप्प बताए । 



 अभी हाल ही में भुपेश बघेल का दौरा कुल्हाड़ीघाट में था जहां वे मौसम की खराबी के चलते कार्यक्रम स्थगित हुआ । जो कि आगामी दिनों में उनका इस जिले में दौरा होना संभव माना जा रहा है ।



 आज किसान के देशव्यापी नेता राकेश टिकैत  राजिम में  अपनी टीम के साथ  हुंकार भरने पहुँच रहे हैं । जिसमे वे केंद्र सरकार के कई नीतियों का विरोध जताएंगे । जिसके लिए आयोजक टीम भीड़ जुटाने में लग गए हैं। 



बता दे कि लगातार देश के नामी नेताओ का दौरा  माह भर के भीतर जिले में होने से जनता के बीच उथल पुथल शुरू हो गई है । आखिरकार गरियाबंद में ऐसे क्या  संभावनाएं दिख रही है जिसको लेकर एक ही माह के भीतर  कोविड काल के दौरान 3 बड़े नेताओं व समाजसेवियों  का दौरा  कार्यक्रम इस जिले में हुआ । वैसे देखा जाए तो सभी अपने कार्यक्रम में अपनी अपनी टीम का बखान व विपक्षी की कमी को गिनाते नजर आ रहे हैं । 



बताना लाजिमी होगा कि  जानकारी के मुताबिक   गरियाबंद जिले के  वर्तमान राजिम विधानसभा विधायक अमितेश शुक्ला के पिता जी  श्यामाचरण शुक्ला अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री 3 बार  रह चुके हैं । वही  विधायक अमितेश शुक्ला भी प्रथम पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं । क्या जनता आगामी दिनों में  या चुनावो में सीएम का चेहरा गरियाबंद जिले से देखना चाहते हैं  ये तो आने वाले वक्त बताएगा । बहरहाल अब देखना यह होगा कि आगामी दिनों में इन बड़े  नेताओं के इस जिले में खड़े होकर कार्यक्रमों में  दिए गए बयान कितना सार्थक सिद्ध होता है।जिससे जनता का भलाई होगा या जनता के सपनो में पानी फिरेगा ।