*त्याग और समर्पण का सन्निवेश ही रामचरित मानस का मूल प्राण है : चंद्रशेखर साहू*

*त्याग और समर्पण का सन्निवेश ही रामचरित मानस का मूल प्राण है : चंद्रशेखर साहू*

*त्याग और समर्पण का सन्निवेश ही रामचरित मानस का मूल प्राण है : चंद्रशेखर साहू*


       *राजिम :-* समीपस्थ ग्राम श्यामनगर में बजरंग मानस मंडली एवं समस्त ग्रामवासियों के सौजन्य से आयोजित त्रिदिवसीय भक्तिमय श्रीरामचरितमानस सम्मेलन का समापन कल भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ।विदित हो कि ग्राम पंचायत श्यामनगर में बजरंग मानस मंडली द्वारा आयोजन का यह लगातार 21 वां वर्ष है। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर साहू,अध्यक्षता  जगदीस साहू सभापति जनपद पंचायत फिंगेश्वर, विशिष्ट संतोष सेन सभापति जनपद पंचायत फिंगेश्वर,विशेष अतिथि दुर्गाछन्नू साहू सरपंच एवं पूर्व उपसरपंच प्रकाशचंद साहू शामिल हुए। उपस्थित धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि चंद्रशेखर साहू ने कहा कि श्रीरामचरितमानस का संपूर्ण अध्याय त्याग,समर्पण और विश्वास का प्रतीक है। यह भोग नहीं त्याग की कथा है।यहाँ रामायण के सभी पात्रों में त्याग की प्रतियोगिता चल रही है और त्याग करने में कोई पीछे नहीं रहा सभी भाइयों का एक दूसरे के प्रति त्याग और प्रेम अद्भुत,अभिनव व अलौकिक है,रामायण जीवन जीने की उत्तम शिक्षा देती है।




अध्यक्षता कर रहे जगदीस साहू ने कहा कि जीवन की आदर्श आचार संहिता को बनाये रखने के लिए मानसगान सम्मेलन प्रत्येक गाँवो में होना चाहिए।वही संतोष सेन ने कहा कि विश्व के सम्पूर्ण साहित्य में श्रीरामचरितमानस जैसा ग्रंथ नही है।पारिवारिक व सामाजिक समस्याओं का सम्पूर्ण समाधान श्रीरामचरितमानस में ही निहित है।प्रकाश साहू ने सभी आयोजक समिति के सदस्यों को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिए।इस दौरानआयोजक समिति के अध्यक्ष धनीराम साहू,चेतन साहू,गौदराम निषाद,प्रेम साहू,रिखी साहू,संतोष साहू, लीलाराम निषाद,अन्नपूर्णा साहू,अशोक साहू,नंद साहू,मनोज साहू,सोमनाथ साहू,सागर साहू,गोपाल निषाद,नरसिंग निषाद,अरुण निषाद,तुलाराम साहू,नोहर साहू,भागवत साहू,तिहारू साहू,तिहारू पटैल,राजू साहू,नंदकुमार बारले,विष्णु निर्मलकर,इन्दरमन निर्मलकर,हीराराम निषाद,डायमंड साहू,दीपक वर्मा,विपिन साहू,बाहरू निषाद,हरीश निषाद,देवानंद निषाद, एवं धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं व बड़ी संख्या में ग्रामवासियों की उपस्थिति रही।