*पतरापाली से कटघोरा 41 किलोमीटर फोरलेन सड़क निर्माण के बाद सफर होगा आसान, समय की भी होगी काफी बचत, 30 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण

*पतरापाली से कटघोरा 41 किलोमीटर फोरलेन सड़क निर्माण के बाद सफर होगा आसान, समय की भी होगी काफी बचत, 30 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण

*पतरापाली से कटघोरा 41 किलोमीटर फोरलेन सड़क निर्माण के बाद सफर होगा आसान, समय की भी होगी काफी बचत, 30 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण*

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*कोरबा/पाली- कटघोरा:-* सड़के विकास की धुरी होती है तथा सड़कों के निर्माण से विकास के रास्ते प्रशस्त होते है। खासकर मुख्यमार्ग यदि सुगम हो तो अर्थव्यवस्था में भी सुधार देखने को मिलता है। साथ ही लोगों को सुलभ और सहज आवागमन का आनंद मिलता है। ऐसे ही बगदेवा से कटघोरा के मध्य सुचारू सड़क का निर्माण होने के बाद सफर में समय की बचत के साथ आरामदेह भी हो जाएगा।


जिले के पतरापाली (बगदेवा) से कटघोरा तक एनएच 130 में इन दिनों 41 किलोमीटर फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। जिसके निर्माण का जिम्मा मेसर्स दिलीप बिल्डकॉन कंपनी द्वारा लिया गया है। जहां तकरीबन साढ़े आठ सौ करोड़ से बनने वाले फोरलेन सड़क के निर्माण पूर्ण होने से शहरी व ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। जिससे सुगम यातायात के साथ आरामदेह सफर व समय की बचत होगी और 41 किलोमीटर का सफर तय करने में वर्तमान लगने वाले तकरीबन डेढ़ घँटे का समय महज 30 से 40 मिनट में सिमट जाएगा। उक्त सड़क निर्माण के कार्य मे घुमावदार वाले जगहों के स्थान पर बड़े- बड़े पहाड़ो- चट्टानों को काटकर तथा किसानों, ग्रामीणों की भूमि का अधिग्रहण कर सीधी एवं सपाट सड़क बनाया जा रहा है। इस सड़क निर्माण के दौरान मार्ग में पड़ने वाले अनेक नदी- नालों पर वृहद पुलों के साथ जरूरत वाले स्थानों पर भी दर्जनों पुल- पुलिया के अलावा ओवरब्रिज का भी निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस विषय पर ठेका कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश कुण्टल ने बताया कि बारिश की वजह से कार्य मे गति नही आ पाने के कारण अबतक फिलहाल 30 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो पाया है। जिसमे कई स्थानों पर डामरीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा नियत तिथि तक 41 किलोमीटर फोरलेन का काम पूरा कर लिया जाएगा। जिसका लाभ लोगों को परोक्ष मिलेगा और आवागमन करने में सुलभता के साथ समय की काफी बचत होगी। श्री कुण्टल ने कहा कि उक्त प्रगतिरथ कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और उनके सतत निगरानी में कार्य कराया जा रहा है। जिसका गुणवत्ता परीक्षण संबंधित अधिकारियों द्वारा समय- समय पर मौके पे उपस्थित होकर किया जा रहा है।