डाभा में आज भी कायम है पूर्वजों की यह परंपरा,मातर महोत्सव को देखने काफी संख्या में उमड़ी जन सैलाब

डाभा में आज भी कायम है पूर्वजों की यह परंपरा,मातर महोत्सव को देखने काफी संख्या में उमड़ी जन सैलाब

डाभा में आज भी कायम है पूर्वजों की यह परंपरा,मातर महोत्सव को देखने काफी संख्या में उमड़ी जन सैलाब



धमतरी/धनेश्वर बंटी सिन्हा:-ग्राम डाभा में 5 दिन की दीवाली महोत्सव के बाद पाचवे दीन भाई दूज एवं मातर के रूप में मनाने का यहाँ परम्परा सदियों से चली आ रही है,इस दिन यादव समाज के द्वारा सुबह से ही बाजे गाजे के साथ गांव के समस्त देवी देवताओं को आमंत्रित कर बड़े बुजुर्गों को बड़े सम्मान के साथ कार्यक्रम स्थल पर ले जाया जाता है। बड़े बुजुर्गों के सम्मान के बाद कार्यक्रम की शुरुआत होते ही,यादव समाज के द्वारा दिखाई जाने वाली अखाड़ा को देखने काफी संख्या में लोगो की भीड़ उमड़ पड़ती है बताते चलें ग्राम डाभा में विगत कई वर्षों से यह कार्यक्रम होता आ रहा है,लोगो का कहना है यह मातर महोत्सव के पर्व में कदई मड़ई का बड़ा महत्व होता है जो सीतलता का प्रतीक है।