प्रायमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों को दाल और तेल सूखा राशन वितरण

प्रायमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों को दाल और तेल सूखा राशन वितरण
प्रायमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों को दाल और तेल सूखा राशन वितरण

छुरा ग्रामीण-जिला गरियाबंद ब्लाक मुख्यालय छुरा अंतर्गत ग्राम मड़ेली में स्वा सहायता समूह एवं स्कूल स्टाफ के माध्यम से प्रायमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों को सूखा राशन घर घर जाकर वितरण किया जा रहा है। 
       कोरोना संक्रमण के संकट काल में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मध्यान्ह भोजन योजना के तहत स्कूली बच्चों को घर-घर पहुंचाकर सूखा राशन देने के कदम की सराहना पूरे देश भर में की जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की गई है।




जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूली बच्चों को सूखा राशन वितरण करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए। गांव-गांव में इसकी मुनादी कराई गई। राज्य सरकार द्वारा स्कूली बच्चों को 45 दिनों के लिए सूखा राशन वितरित किया गया।  वितरित किए गए सूखा राशन पैकेट में चावल, तेल, सोयाबीन, दालें, नमक और अचार हैं। राज्य सरकार द्वारा स्थानीय स्तर पर स्कूली बच्चों और पालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था भी की गई है। यदि माता-पिता पैकेट लेने के लिए स्कूल नहीं जा सकते हैं, तो स्वयं सहायता समूह और स्कूल स्टाफ के माध्यम से घर घर जाकर सूखा राशन के पैकेटों की होम डिलीवरी किया जा रहा है। 
 सूखा राशन सामग्री वितरण के लिए जारी निर्देश में कहा गया है कि वितरण के दौरान बच्चों या पालकों के मध्य सामाजिक दूरी बनाए रखी जाए और मध्यान्ह भोजन की गाइडलाइन के अनुसार, पहली से आठवीं कक्षा तक के उन बच्चों को जिनका नाम शासकीय शाला में दर्ज है, मध्यान्ह भोजन दिया जाए। सूखा राशन वितरण में बच्चों को चावल,दाल, एवं तेल की मात्रा सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा से कम नहीं होनी चाहिए।
    कोरोना वायरस (कोविड 19) के संक्रमण से बचाव को नियंत्रण के लिए राज्य में स्कूलों को आगामी आदेश तक के लिए बंद रखने का आदेश राज्य शासन द्वारा जारी किया गया है।