संघर्ष और कड़ी मेहनत से राजनीति के शिखर तक का सफर गणराज सिंह का सफर

संघर्ष और कड़ी मेहनत से राजनीति के शिखर तक का सफर गणराज सिंह का सफर

संघर्ष और कड़ी मेहनत से राजनीति के शिखर तक का सफर गणराज सिंह का सफर


जमीनी कार्य करते करते आम जनता के राजनीति में चमके गणराज,


दीपक शर्मा/कोरबा/पाली:- जिला पंचायत कोरबा के सभापति गणराज सिंह कंवर का जन्म 25 अक्टूबर को रैनपुर खुर्द में हुआ था और आज वे अपना जन्मदिन मना रहे है, इस अवसर जिला पंचायत कोरबा,पाली सहित क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर उनकी बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ था,श्री कंवर आज सुबह अपने वरिष्ठ जनों का आशीर्वाद प्राप्त कर नागेश्वर महादेव मंदिर में मत्था टेका और परिवारजनों सहित राज्य की जनता के सुख समृद्धि खुशहाली की कामना की।

 आज अपने व्यस्त कार्यक्रम में समय निकालकर कोरबा, कटघोरा,दीपका,रैनपुर, हरदीबाजार, पाली आदि स्थानों पर शामिल हुए साथ ही कटघोरा को जिला बनाओ आंदोलन में भी शामिल हुए,छत्तीसगढ़ की राजनीति को बारीकियों से समझने वाले गणराज सिंह कंवर आज कोरबा जिला सहित प्रदेश में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं और उन्हें क्षेत्र में लोग कुशल नेतृत्वकर्ता की संज्ञा देते है,श्री कंवर सरल स्वभाव के घनी है।





     श्री कंवर ने अविभाजित मध्यप्रदेश के समय सन 1992 में सक्रिय युवा राजनीति में अपना पहला कदम रखा और फिर कभी पीछे मुड़कर नही देखा, छात्र जीवन से ही इनका झुकाव समाज सेवा की ओर रहा। यही कारण है कि उन्होंने राजनीति के माध्यम से समाज सेवा को चुना 25 वर्षो से पंचायती राज में भी उनके पिता जी श्री शंकर लाल कंवर एवं उनकी माता श्रीमती सूरज कंवर को भी सरपंच के रूप में सेवा करने का अवसर मिला और यही कारण है कि माता पिता के आदर्शों पर चलते हुए गणराज कंवर समाज हित मे कार्य कर रहे है, श्री कंवर का सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों  में विशेष रुचि है। गणराज सिंह कंवर पूर्व में nsui का कार्य करते हुए गवर्नमेंट कॉलेज कोरबा में छात्र संघ के सचिव,सात गढ कंवर समाज के उपाध्यक्ष एवं केंद्रीय पदाधिकारी, युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी के जिला सचिव आदि दायित्यों का निर्वहन करते हुए जनपद पंचायत पाली के निर्विरोध अध्यक्ष बने और वर्तमान में जिला पंचायत कोरबा के सभापति के रूप में कार्य कर रहे है, युवाओं के बीच लोकप्रिय गणराज सिंह कंवर शिक्षित युवा है उन्होंने एमएससी तक की शिक्षा प्राप्त की है,श्री कंवर को राजनीति का चाणक्य कहा जाता है।