हरा सोना को मौसम की मार, कोविड को लेकर विभाग ने भी बरती सावधानी

हरा सोना को मौसम की मार,  कोविड को लेकर विभाग ने भी बरती सावधानी

हरा सोना को मौसम की मार,  कोविड को लेकर विभाग ने भी बरती सावधानी


कुलेश्वर सिन्हा

गरियाबंद/छुरा - छुरा क्षेत्र वनांचल क्षेत्र के नाम से जाना जाता है । यहां के अधिंकाश रहवासी परिवार वनोपज पर निर्भर होकर अपना परिवार का पालन पोषण करते हैं ।


आपको बता दे कि वर्तमान में कोविड 19 को ध्यान में रखते हुये  विभाग द्वारा सारी तैयारी  कर ली गयी है ।विभाग से प्राप्त जानकारी के 5 मई से तेंदूपत्ता की खरीदी की जा रही है व। विभाग ने बताया कि    तेंदुपत्ता खरीदी केंद्रों  में बकायदा सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क व सेनेटाइजर का उपयोग सख्ती से किया जा रहा है।  वही इस वर्ष लगभग 16 समितियों के द्वारा खरीदी की जा रही है । जिसमे 7 मई तक वन विभाग छुरा  ने  6700 मानक बोरा का खरीदी कर चुके हैं । विभाग का लक्ष्य  इस वर्ष 22300 मानक बोरा रखा गया है । 




मौसम की मार से प्रभावित हो सकता है लक्ष्य 

पिछले दो दिन से क्षेत्र का मौसम में खासा परिवर्तन देखा जा रहा है तेज बिजली की चमक एवं बदली से लोग  सहमे हुए हैं । आपको बता दे कि ग्रामीण क्षेत्रो में लोग तेंदूपत्ता के लिए सुबह 4 से 5 बजे उठकर घर से तेंदूपत्ता के लिए निकल पड़ते हैं ऐसे में इस वर्ष मौसम ने साथ नही दिया तो लोगो को गरीबी में गीला आटा मुहावरा का शिकार होना पड़ेगा म क्योकि लोग बाग लॉक डाउन में घरों में ही रहकर रूखी सुखी खा कर मुश्किल से दिन गुजार रहे हैं । लोगो के पास रोजगार की सुविधा नही है म ऐसे में अभी एकमात्र रोजगार का अवसर मिला है उसमें भी यदि मौसम का ग्रहण लग जाये तो लोगो को परिवार चलाने में मुश्किल हो सकती है।




 चावल के बदले रसोई की बाकी समान ले रहे तब जाकर घर का चूल्हा जल रहा 



आपको बता दे कि लॉक डाउन में सभी तरफ काम धाम बन्द है । वही शासन द्वारा चावल , नमक , चना मिट्टीतेल तो दिया जा रहा है । लेकिन बाकी समानो  के किये जद्दोजहद करनी पड़ रही है । छुरा ब्लाक के ग्राम हरदी के कुछ मजदूरों ने नाम न छापने के शर्त में बताया कि सामान्य दिनों में रोजी रोटी चल जाता था लेकिन वर्तमान में लॉक डाउन होने से सब काम धाम बन्द हो गया सेठ साहू कार भी बिना काम के एंडवास पैसे देने से कतरा रहे हैं ।  इस वजह से घरों में नगदी रकम नही होने की स्तिथि में   घरों में रखे खाने के चावल  में से आधे चावल देकर पड़ोसियों एवं दुकानदारों से  उसके बदले रसोई समान ,मसाला , तेल , हल्दी, मिर्च की पूर्ति कर रहे हैं और आधा पेट खाकर अपना जीवन गुजार रहे हैं । अभी वर्तमान में तेंदूपत्ता का सीजन है उम्मीद है इस वर्ष अच्छी आमदनी होगी बस मौसम की मेहरबानी हो ।




छुरा वन परिक्षेत्र अधिकारी एसडी दीवान ने बताया कि विभाग द्वारा  इस वर्ष 22300 मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदी का लक्ष्य रखा गया है । जिसमे लक्ष्य की  अबतक लगभग 30 % की खरीदी 7 मई तक कि जा चुकी है ।  साथ ही सभी फड़ो मे मास्क , सेनेटाइजर का इस्तेमाल किया जा चुका है ।वही आगे उन्होंने बताया की हितग्राही ज्यादा डरे नही तेंदूपत्ता  शुरुआती  दौर में बारिश से ज्यादा प्रभावित नही होती है । क्योंकि पहले से ही पत्तो में यथावत नमी रहती है ज्यादा डरने की कोई बात नही है ।